हाईकोर्ट जजों के 108 निजी सचिवों ने लगाई भत्ता बढ़ाने की गुहार

हाईकोर्ट जजों के 108 निजी सचिवों ने लगाई भत्ता बढ़ाने की गुहार

Uday Kumar Patel | Publish: Dec, 08 2018 06:23:49 PM (IST) | Updated: Dec, 08 2018 06:23:50 PM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

-राज्य सरकार को नोटिस


अहमदाबाद. गुजरात हाईकोर्ट के जजों के करीब 108 निजी सचिवों (पीएस) ने हाईकोर्ट से भत्था बढ़ाने की गुहार लगाई है। न्यायाधीश एन. वी. अंजारिया ने रफीक परमार की ओर से दायर याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।
न्यायालय ने कहा कि इस मुद्दे पर लंबे समय से निर्णय नहीं हो पाया है, इसलिए राज्य सरकार को इस मामले में जवाब पेश करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 17 दिसम्बर रखी गई है।
याचिकाओं में यह कहा गया कि इन कर्मचारियों को वेतन के साथ 80 रुपए का भत्ता दिया जाता है। वर्ष 1987 से इस भत्ते में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। भत्ते में वृद्धि के लिए उच्च न्यायालय ने दो वर्ष पहले आदेश दिया था, लेकिन सरकार ने इस पर कोई अमल नहीं किया।
वर्ष में जब मूल वेतन 650छह सौ पचास6 रुपए था तब भत्ते के रूप में 8 अस्सी
रुपए देने का निर्णय किया गया था। इसके बाद लगातार कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन भत्ते में कोई वृद्धि नहीं की गई।
इसके बाद याचिका दायर की गई जिसमें कोर्ट में अनिवार्य रूप से ब्लेजर पहनने को लेकर ढाई हजार तथा अन्य सहित पांच हजार रुपए भत्ते की मांग की गई। इस संबंध में न्यायालय ने पहले आदेश दिए थे, लेकिन दो वर्ष से सरकार इस पर अमल नहीं कर रही है।

डार्क जोन : खेती से जुड़े बिजली कनेक्शन के लिए सूक्ष्म सिंचाई पद्धति अनिवार्य नहीं

गांधीनगर. राज्य में डार्क जोन में शामिल 57 तहसीलों में अब किसानों को खेती से जुड़े बिजली कनेक्शन के लिए ड्रिप या स्प्रिंकलर पद्धति से छूट दी गई है।
इससे पहले राज्य सरकार ने भूगर्भ जल स्तर कम होने की स्थिति में राज्य के 57 तहसीलों को डार्क जोन घोषित किया था। इसके साथ ही किसानों को खेती संबंधी बिजली कनेक्शन की मांग रखने वालों को अनिवार्य रूप से सूक्ष्म सिंचाई पद्धति अपनानी होती थी, लेकिन इस वर्ष मानसून में अपर्याप्त बारिश के कारण अकाल की परिस्थिति को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने यह निर्णय लिया है। यह स्थिति अगली घोषणा तक जारी रहेगी।

 

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