आरोपमुक्ति की याचिका पर जल्द हो सुनवाई: हार्दिक

आरोपमुक्ति की याचिका पर जल्द हो सुनवाई: हार्दिक

Uday Kumar Patel | Publish: Sep, 06 2018 11:31:53 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India


-राजद्रोह प्रकरण

 

अहमदाबाद. पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) के संयोजक हार्दिक पटेल ने गुजरात उच्च न्यायालय से अपने खिलाफ आरोप मुक्ति (डिस्चार्ज) की याचिका खारिज किए जाने को चुनौती देने वाली पर याचिका पर जल्द सुनवाई की गुहार लगाई है।
निचली अदालत हार्दिक की आरोप मुक्ति की याचिका खारिज कर चुकी है। निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। इसी याचिका के जल्द सुनवाई को लेकर एक और याचिका दायर की गई। न्यायाधीश ए. वाई. कोगजे के समक्ष इस याचिका पर सुनवाई हुई। अब इस याचिका पर सुनवाई 9 अक्टूबर रखी गई है।
सुनवाई के दौरान हार्दिक की ओर से जुबिन भारडा व रफीक लोखंडवाला ने दलील दी कि डिस्चार्ज याचिका की सुनवाई जल्द की जाए। राज्य सरकार की ओर से सत्र अदालत में आरोप तय किए जाने के लिए बार-बार गुहार लगाई जाती है, इसलिए इस याचिका पर जल्द सुनवाई की जाए।
हार्दिक की ओर से पुनरीक्षण याचिका में यह कहा गया है कि पुलिस की ओर से ुउनके खिलाफ राजद्रोह की शिकायत दर्ज की गई है। इसमें यह आरोप लगाया गया है कि पाटीदार युवकों को आरक्षण के नाम पर उकसा कर कानून से स्थापित सरकार को उखाड़ फेंकने का प्रयास किया गया है। आरोप यह है कि अहमदाबाद में 25 अगस्त 2015 को जीएमडीसी मैदान में पाटीदार सभा के बाद राज्यभर में दंगे भडक़ा कर सरकारी कार्यालयों, पुलिस व सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है।
राजद्रोह की शिकायत रद्द किए जाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। उधर पुलिस इस मामले में आरोपपत्र पेश कर चुकी है। आरोपपत्र के बाद हार्दिक की ओर से आरोप मुक्ति की याचिका दायर की गई। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार के पास उनके खिलाफ कानून से स्थापित सरकार को उखाड़ फेंकने के प्रयास का कोई सबूत नहीं है। इसलिए यह आरोप रद्द कर दिया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि हार्दिक पटेल गत 25 अगस्त से पाटीदारों को ओबीसी में आरक्षण दिलाने और राज्य के किसानों का कर्ज माफ करने की मांग के साथ अहमदाबाद शहर के पास ग्रीनवुड रिसोर्ट स्थित अपने घर पर उपवास पर बैठै हैं।

Ad Block is Banned