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फर्जी हथियार लाइसेंस मामला, एटीएस ने की छापे मारी, दामाद को इसलिए किया टीम ने किया गिरफ्तार

बहुचर्चित फर्जी हथियार लाइसेंस प्रकरण में फरार मुख्य आरोपित गन हाउस के मालिक उस्मान गनी की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया।
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अजमेर

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Sonam Ranawat

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Updated: 23 Apr 2018, 8:56 AM IST

Ats team took action against fake weapon licence case and arrest man

अजमेर . आतंक निरोधी दस्ते(एटीएस) ने बहुचर्चित फर्जी हथियार लाइसेंस प्रकरण में फरार मुख्य आरोपित गन हाउस के मालिक उस्मान गनी की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया। एटीएस ने गनी के लिंक रोड स्थित आवास समेत शहर के सर्राफा व्यवसायी के मकान पर दबिश दी। कार्रवाई में गन हाउस के मालिक के दामाद को एटीएस ने हिरासत में लिया है। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि प्रकरण में फरार गन हाउस का मालिक उस्मान गनी दामाद के सम्पर्क में था।


अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एटीएस जयपुर) बजरंग सिंह शेखावत के नेतृत्व में अजमेर एटीएस, ईआरटी ने आनासागर लिंक रोड स्थित गन हाउस के मालिक उस्मान गनी पुत्र वली मोहम्मद के मकान पर दबिश दी। एटीएस को उस्मान के अजमेर आने की सूचना थी। इससे पहले एटीएस ने उस्मान के दामाद कोटड़ा निवासी रियाजुद्दीन को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि उस्मान रियाजुद्दीन के सम्पर्क में था। एटीएस रियाजुद्दीन से पूछताछ में जुटी है।

एटीएस ने शहर के सर्राफा व्यवसायी संजय शर्मा के कुन्दननगर स्थित आवास पर दबिश दी। यहां मिले शर्मा के पिता को शेखावत ने नोटिस तामील करवाते हुए पाबंद किया। शर्मा ने भी उस्मान के बेटे जुबेर से फर्जी हथियार लाइसेंस और हथियार खरीदा था। पिछले कई दिन से एटीएस की ओर से पूछताछ पर बुलाने पर जयपुर कार्यालय में उपस्थित नहीं होने पर शर्मा को नोटिस देकर पाबंद किया। गौरतलब है कि प्रकरण के सामने के बाद संजय शर्मा से भी एटीएस ने पूछताछ की थी लेकिन प्रारंभिक पड़ताल के बाद उसे छोड़ दिया था।

फर्जी हथियार लाइसेंस मामले में एटीएस ने तीसरी कार्रवाई गौरव पथ आनन्द नगर निवासी कायल अल्फ्रेड पुत्र गुडविन अल्फ्रेड की तलाश में दबिश दी। लेकिन पड़ताल में कायल अल्फ्रेड के गौरव पथ स्थित बेशकीमती जमीन बेचकर अन्यत्र स्थान पर जाने की बात सामने आई। एटीएस टीम ने नागौर के पीह निवासी जाहिद पुत्र मुनीर मोहम्मद की तलाश में केन्द्रीय बस स्टैंड अजमेर और उसके गांव पीह में दबिश दी लेकिन जाहिद का सुराग नहीं लगा। जाहिद भी फर्जी हथियार लाइसेंस मामले में वांछित है।


रियाजुद्दीन पर गहराया शक

रियाजुद्दीन गत दिनों दो पक्षों में झगड़े के बाद क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस की नजर में आया। पुलिस ने उसके मकान तलाशी में 163 जिंदा कारतूस और हथियार के पाट्र्स बरामद किए। पुलिस पड़ताल में रियाजुद्दीन ने बताया कि वह ससुर उस्मान गनी के साथ हथियार की मरम्मत का काम करता है। बरामद किए गए कारतूस और पाट्र्स एटीएस की कार्रवाई के बाद उस्मान गनी की पत्नी ने नष्ट करने के लिए दिए लेकिन वह उसने उनको नष्ट करने की बजाय घर ले गया। उसके खिलाफ आम्र्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। एटीएस उससे उस्मान और फर्जी हथियार लाइसेंस के संबंध में पड़ताल में जुटी है।


यह है मामला

एटीएस ने 11 सितम्बर 17 को फर्जी हथियार लाइसेंस प्रकरण का पर्दाफाश करते हुए गन हाउस के मालिक उस्मान के बेटे जुबेर को सिरोही के निकट फर्जी हथियार और लाइसेंस के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश , पंजाब और जम्मू कश्मीर में चले एटीएस के अभियान में 44 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें कई राजनेता, प्रॉपर्टी डीलर, सर्राफा व्यवसायी, शराब व्यवसायी के पुत्र भी शामिल हैं जिन्होंने जुबेर के मार्फत फर्जी हथियार लाइसेंस व हथियार की खरीद की थी। एटीएस अधिकारियों के मुताबिक प्रकरण में अभी भी दर्जनों लोगों की गिरफ्तारी बाकी है।