Big issue: हाईकोर्ट पर नजरें, आरएएस 2018 पर होगा खास फैसला

पूर्व में घोषित मुख्य परीक्षा परिणाम को रद्द किया था। आयोग के फुल कमीशन ने सिंगल कोर्ट के फैसले को खंडपीठ में चुनौती दी है।

By: raktim tiwari

Updated: 26 Feb 2021, 09:06 AM IST

अजमेर.

आरएएस-2018 परीक्षा परिणाम रद्द करने के फैसले के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ में सुनवाई हो चुकी है। सीजे इंद्रजीत महान्ती की खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। हजारों अभ्यर्थियों सहित आरपीएससी को फैसले का बेसब्री से इंतजार है। इसी फैसले से आरएएस 2018 और आने वाली परीक्षाओं का भविष्य तय होगा।

मुख्य परीक्षा में दो गुणा अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण करने से जुड़ी कविता गोदारा की याचिका पर हाईकोर्ट ने पदों के न्यूनतम अर्हता अंक तय करने और दो गुणा अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में बुलाने के आदेश दिए थे। साथ ही पूर्व में घोषित मुख्य परीक्षा परिणाम को रद्द किया था। आयोग के फुल कमीशन ने सिंगल कोर्ट के फैसले को खंडपीठ में चुनौती दी है।

फैसला तय करेगा भविष्य
आयोग ने खंडपीठ में अपील दायर की है। बुधवार को मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहन्ती की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। राज्य सरकार के एजी और आयोग के अधिवक्ता ने तर्क रखे। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। मालूम हो कि आयोग ने 9 जुलाई 2020 को आरएएस मुख्य परीक्षा-2018 का परिणाम जारी किया था। आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा के 1051 पदों की एवज में 2010 अभ्यर्थी पास किए गए हैं।

अब यूं चला अब तक सफर
आयोग ने 5 अगस्त 2018 को आरएएस प्रारंभिक परीक्षा कराई थी। इसका परिणाम 23 अक्टूबर 2018 को घोषित किया गया था इसके बाद 25-26 जून 2019 को मुख्य परीक्षा कराई गई थी। इसका परिणाम 9 जुलाई 2020 को मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी हुआ था। साक्षात्कार के लिए 2010 अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण किया गया है। भर्ती के तहत राज्य सेवा में 437 और अधीनस्थ सेवा के 577 पद शामिल हैं।

कॉलेज में बनेगा गल्र्स कॉमन रूम, यह होंगी सुविधाएं

रक्तिम तिवारी/अजमेर. बड़ल्या स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में गल्र्स कॉमन रूम बनाया जाएगा। इससे कॉलेज में अध्ययनरत छात्राओं को बैठने और पढऩे की सुविधा मिलेगी। छात्राओं के लिए कॉमन रूम में आवश्यक सुविधाएं जुटाई जाएंगी।

1996-97 में स्थापित इंजीनियरिंग कॉलेज में गल्र्स कॉमन रूम सुविधा नहीं है। छात्राओं को कैंपस में कैंटीन, लाइब्रेरी अथवा इधर-उधर बैठना पड़ता है। इससे कई बार उन्हें असुविधाएं होती हैं। खासतौर पर कोई क्लास नहीं होने पर ज्यादा समस्या होती है। लिहाजा प्राचार्य डॉ. रेखा मेहरा ने छात्राओं के सुविधार्थ गल्र्स कॉमन रूम बनाने का फैसला किया है।

रखी जाएंगी पत्र-पत्रिकाएं
कॉलेज भवन के किसी कमरे में कॉमन रूम बनाया जाएगा। इसमें बैठने के लिए कुर्सियां और पढऩे के लिए मेज लगाई जाएंगी। छात्राओं के लिए समाचार पत्र, पत्रिकाएं भी रखी जाएंगी। छात्राएं यहां बैठकर पढ़ाई के अलावा कोई क्लास नहीं होने पर वक्त बिता सकेंगी। इसके अलावा सेनेटरी नेपकिन मशीन लगाई जाएगी। टॉयलेट भी बनाया जाएगा।

raktim tiwari Reporting
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