29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Big issue: हमारी वजह से खतरे में धरती, जरा सुनिए इसका दर्द

विद्यार्थी, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक, ईको क्लब और अन्य संस्थाएं योगदान देंगी।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

raktim tiwari

•

Updated: 18 May 2019, 8:14 AM IST

world environment day

world environment day

अजमेर. विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 जून को कॉलेज-विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में कार्यक्रम होंगे। यूजीसी ने सभी संस्थाओं को पत्र भेजकर तैयारियां शुरू करने को कहा है।

सचिव प्रो. रजनीश जैन ने बताया कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस वर्ष का विषय ग्रीनिंग द ब्ल्यू रखा है। इसके अन्तर्गत कॉलेज-विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में पर्यावरण जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसमें विद्यार्थी, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक, ईको क्लब और अन्य संस्थाएं योगदान देंगी।

कराह रही है धरती
अंधाधुंध खनन, कॉलोनियों के विकास और घटती हरियाली ने पृथ्वी को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया। मनुष्य ने खुद का विकास तो कर लिया, लेकिन धरती को विनाश की तरफ धकेल दिया है। बदलते पर्यावरण, बढ़ते तापमान, कहीं अतिवृष्टि तो कहीं सूखा..इन सबके लिए हम जिम्मेदार हैं।

यह होंगी गतिविधियां...

-संस्थान परिसरों को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त रखना
-लघु मैराथन दौड़ का आयोजन

-शहर-संस्थानों में हरियाली को बढ़ावा
-प्लास्टिक के कप, बैग, प्लेट और अन्य सामग्री के इस्तेमाल पर रोक

-नुक्कड़ नाटक और लघु जन जागरुकता कार्यक्रम
-पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण की जानकारी के लिए प्रदर्शनी