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Patrika Bird Fair : पक्षियों के कलरव ने बदले नजारे

अमिट छाप छोड़ गया पक्षियों का मेला
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अजमेर

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Chandra Prakash Joshi

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Updated: 20 Jan 2020, 2:28 PM IST

Patrika Bird Fair : पक्षियों के कलरव ने बदले नजारे

Patrika Bird Fair : पक्षियों के कलरव ने बदले नजारे

अजमेर. आसमान में स्वच्छंद उडऩे वाले प्रवासी और देशी परिन्दे हमारी शान हैं। ये प्रकृति की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ हमें तनावमुक्ति, सतत विकास और शांति का संदेश देते हैं।

महापौर धर्मेन्द्र गहलोत ने कहा कि आनासागर झील अब नालों के पानी नहीं बल्कि सौंदर्य के लिए जानी जाती है। राजस्थान पत्रिका के बर्ड फेयर ने झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया है। झील में पक्षियों के कलरव ने अब नजरें और नजारे बदल दिए हैं। पत्रिका के प्रयासों से झील का संवद्र्धन और संरक्षण बढ़ा है। कुछ ऐसे विचारों के साथ रविवार को चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय बर्ड फेयर का समापन हुआ।

राजस्थान पत्रिका, जिला प्रशासन, नगर निगम और एडीए के तत्वावधान में आयोजित समारोह में पेंटिंग, वीडियो-मोबाइल स्पर्धा के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

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पक्षी कराते आनंद की अनुभूति

विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि पक्षी जीवन में आनंद की अनुभूति कराते हैं। पत्रिका के प्रयासों से बर्ड फेयर अब अजमेर की पहचान बन चुका है। पक्षियों को बचाने के लिए प्रशासन ने भी अब चाइनीज मांझे पर रोक लगाई। सागर विहार झील में प्राकृतिक मिनी बर्ड पार्क का निर्माण कराया है। झील में पक्षियों का कलरव देखना बेहद सुखद है।

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बचाएं पक्षी, पेड़ और पर्यावरण

पूर्व विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती ने कहा कि पत्रिका के बर्ड फेयर ने पक्षियों के प्रति कौतुहल और जागृति पैदा की है। पर्यावरण सुरक्षा में पक्षी भी जैव विविधता की तरह अहम हैं। कोकिल कंठ, गिद्ध दृष्टि, हिरण और हाथी चाल की उपमा भी पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम को दर्शाती है। हमें पक्षी, पेड़ और पर्यावरण को बचाना चाहिए।

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हमें परिन्दों के प्राकृतिक घरौंदों के साथ-साथ पर्यावरण को बचाना चाहिए, ताकि भावी पीढ़ी को भी इन्हें देखने, समझने और जानने का अवसर मिले।

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पक्षियों से लें सीख

एडीएम (सिटी) सुरेश सिंधी ने कहा कि दुर्गन्ध के कारण पहले कोई झील के पास से गुजरना नहीं चाहता था। अब झील और अठखेलियां करते परिन्दों को देखने पर्यटक दूरदराज से अजमेर आते हैं। पक्षियों से हमें अनुशासन और जीवन का आनंद लेने की सीख लेनी चाहिए।

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बचाएं पशु-पक्षियों को

भाजपा देहात जिलाध्यक्ष देवीशंकर भूतड़ा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की बहुत आवश्यकता है। दुर्भाग्य से पशुओं और परिन्दों की कई प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं। पत्रिका के बर्ड फेयर ने पक्षियों के संरक्षण के साथ-साथ युवाओं-विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ा है।

पक्षियों को दें जीवन में स्थान

जिला कलक्टर विश्व मोहन शर्मा ने कहा कि बर्ड फेयर में बच्चों ने कैनवास पर सतरंगी संसार उकेरा। उन्होंने पक्षियों और प्रकृति के लिए जैसे भाव दर्शाए वह सराहनीय है। कभी चिडिय़ा की चहचहाट से नींद खुलती थी। दुर्भाग्य से गौरेया और अन्य चिडिय़ा अब लुप्त हो रही हैं।

हमें पक्षियों को प्रकृति और जीवन में अपनी तरह स्थान देना पड़ेगा। संचालन स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल की प्राचार्य वर्तिका शर्मा ने किया।

रहें प्रकृति के करीब

राजस्थान पत्रिका अजमेर के संपादकीय प्रभारी के. आर. मुण्डियार ने कहा कि हम जितना प्रकृति के करीब रहेंगे, उतना स्वस्थ रहेंगे। पत्रिका ने सामाजिक सरोकारों को सदैव बढ़ावा दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बर्ड फेयर समूचे देश की शान है। लोगों को अपने आस-पास के परिवेश को स्वच्छ, हरा-भरा रखना चाहिए। शाखा प्रबंधक बृजेश शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

यह रहे मौजूद

क्षेत्रीय उपनिदेशक निकाय अनुपमा टेलर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सीआईडी-सीबी) प्रीति चौधरी, टीआई सुनीता गुर्जर, पक्षीविद् के. के. शर्मा, बर्ड कंजर्वेशन सोसायटी के अध्यक्ष महेंद्र विक्रम सिंह, लोक कला संस्थान के संजय सेठी, मदस विवि से डॉ. विवेक शर्मा, ग्रीन आर्मी के अध्यक्ष सिद्ध भटनागर, सचिव कुलदीप सिंह गहलोत, एडीए एक्सईएन राजेंद्र कुड़ी, जेईएन अमित बजाज, रघुनंदन सिंह चौहान, सी. पी. कटारिया, राजेंद्र गांधी, शिवकुमार बंसल, जूलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. सुभाष चंद्र, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष दीपक सिंह राठौड़, इंजीनियरिंग कॉलेज प्राचार्य उमाशंकर मोदानी, उपेंद्र सिंह, विपिन जैन और अन्य।

रेत पर छाए पंछी...

पुष्कर के सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ने बालू रेत पर प्रवासी और देशी पक्षियों को उड़ते हुए दिखाया। पक्षियों के संरक्षण और संवद्र्धन की अपील भी की। जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा, एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने उनकी कला को सराहा।

लगाई स्टैम्प प्रदर्शनी

एस. पी. कटारिया ने स्टैम्प प्रदर्शनी का आयोजन किया। इसमें पक्षियों के बारे में विस्तृत जानकारी और स्टैम्प प्रदर्शित किए। उन्होंने आमजन को विभिन्न जानकारियां दी।

ग्रीन आर्मी ने बांटे पौधे

ग्रीन आर्मी ने पर्यावरण सुरक्षा को लेकर प्रतिभागियों और आमजन से कई रोचक सवाल पूछे। सही जवाब देने वाले विजेताओं को कार्यकर्ताओं ने पौधे प्रदान किए। उन्होंने लोगों से अधिकाधिक पौध लगाने और स्वच्छता का आह्वान किया।

फिर मिलेंगे 2021 में..

अतिथियों ने आसमान पर रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़कर 2021 में मिलने का संदेश दिया। बर्ड फेयर के आयोजन पर शहरवासियों ने भागीदारी निभाई। कई देशी और विदेशी पर्यटक और पक्षीविद् पक्षियों के फोटो लेने और उनके बारे में बताते नजर आए।

इन्हें किया पुरस्कृत

फोटोग्राफी : रक्षित शर्मा, सनातन शर्मा, वैभव माथुर, ऋषिराज सिंह, अमित भाटी, नरेन्द्र सचेती, तार्किक वर्मा, ऋषभ सचेती, दिवाकर यादव, सुनीता दास।

वीडियो क्लीपिंग : आकांक्षा शर्मा, सी. पी. मीणा, संजय सेठी, सुनीता जैन, मेघा माहेश्वरी।
वरिष्ठ चित्रकार : अनुपम भटनागर, प्रहलाद शर्मा, बनवारीलाल ओझा, प्रजेष्ठ नागौरा, इन्दु खण्डेलवाल।

ड्रॉइंग के टॉप : वैभव शर्मा, जतिन पटेल, हर्ष गुप्ता, वर्तिका माथुर, दीक्षा मंगलानी, कबीर वागुला, भूमिका सावरिया, हर्षा साजनानी, नवीन रावत, निकिता, उज्जवल यादव।

इनका भी सम्मान

फोटो जर्नलिस्ट दीपक शर्मा, सेंट आर्टिस्ट अजय रावत, ऊंट शृंगारक अशोक टाक, सिविल डिफेंस टीम, टीआई सुनीता गुर्जर, संजय शर्मा, एडीए एक्सईएन राजेन्द्र कुड़ी एवं टीम, नगर निगम टीम, वर्तिका शर्मा, डॉ. पूनम पाण्डे।

एमडीएस यूनिवर्सिटी : आकांक्षा वर्मा, कंदालिका सारस्वत, रौनक चौधरी, मनीषा शर्मा, आशीष पाटीदार, स्वाति यादव।

परिन्दों को निहारा

पत्रिका बर्ड फेयर के अतिम दिन रविवार सुबह बर्ड वॉचिंग कार्यक्रम में प्रवासी पक्षियों को नजदीक से देख लोग रोमांचित हुए। कनाड़ा के विक्टोरिया निवासी रीवेरजुड व पत्नी जॉनेरामिन ने करीब एक घंटे तक पक्षियों की गतिविधियां देखीं।

उन्होंने पक्षियों के मनमोहक नजारे कैमरे में कैद किए और पत्रिका बर्ड फेयर की प्रशंसा की। इसी प्रकार जयपुर का एक परिवार भी बर्ड वॉचिंग में शामिल हुआ। मदस विवि के पर्यावरण विभाग के छात्र-छात्राओं ने बर्ड वॉचिंग के दौरान पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों को काफी समीप से देखा।