परिन्दों पर कहर: संक्रमण तो नहीं बन रहा पक्षियों का काल

झील किनारे तीन महीने से नहीं उठा कचरा

पुरातत्व विभाग के एक कर्मचारी के जिम्मे सफाई
नगर निगम ने कराई सफाई, पुरातत्व विभाग से वसूलेगा खर्चा

By: himanshu dhawal

Updated: 03 Dec 2019, 11:48 AM IST

अजमेर. आनासागर के किनारे बनी बारादरी पर तीन महीने से कचरा नहीं उठा। इसके कारण वहां पर कचरे का ढेर लग गया। संक्रमण फैलने से भी कौवों की मौत हो सकती है। इसका मुख्य कारण पुरातत्व विभाग के एक सफाई कर्मचारी के भरोसे बारादरी की जिम्मेदारी होना और कचरा डम्प करने की कोई व्यवस्था नहीं होना बताया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर जेसीबी और डम्पर से कचरा उठाया गया। इस पर खर्च होने वाली पुरातत्व विभाग से वसूली जाएगी।
बारादरी पर कौवों की मौत के बाद नगर निगम आयुक्त चिन्मयी गोपाल ने उपायुक्त (विकास) गजेन्द्र सिंह रलावता व अन्य अधिकारियों को बारादरी भेजकर जांच के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि बारादरी के एक कोने में से 3 महीने से कचरा डम्प नहीं किया जा रहा है। सिर्फ एक कर्मचारी पर ही सफाई की जिम्मेदारी है और कचरा उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है। पुरातत्व विभाग के अधिकारी ने बताया कि सफाई के लिए पृथक से टेण्डर करने की व्यवस्था की जा रही है। इस पर नगर निगम ने एक जेसीबी व चार टेक्ट्रर से कचरा उठवाने के निर्देश दिए। सोमवार रात्रि कचरा उठाने का कार्य भी प्रारंभ हो गया। जांच दल में लेखाधिकारी रोहित पाराशर, ट्राम्बे प्रभारी रविन्द्र सैनी व सहायक अभियंता रमेश चौधरी ने शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका में इस संबंध में समाचार प्रकाशित कर मौके के हालात बयां किए थे।

बंद फाउंटेन होंगे शीघ्र चालू
नगर निगम उपायुक्त (प्रशासन) अशोक कुमार मीना ने निरीक्षण के बाद झील में बंद मिले फाउंटेन शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। झील से जलकुंभी हटाने के लिए डिवीडिंग मशीन भी लगाई जाएगी। स्वास्थ्य शाखा के कर्मचारियों द्वारा भी सफाई कराई जाएगी।

himanshu dhawal Reporting
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