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प्रिंसिपल साहब का इंतजार है इन कॉलेज को, कांग्रेस सरकार पर टिकी है निगाहें

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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 19 Jan 2019, 7:20 AM IST

principal post vacant

principal post vacant

अजमेर.

प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेज में प्राचार्यों की नियुक्ति जल्द होगी। तकनीकी शिक्षा विभाग इसकी कवायद में जुटा है। अब सबकी निगाहें कांग्रेस सरकार पर टीकी हैं।

तकनीकी शिक्षा विभाग ने अजमेर के बॉयज और महिला सहित बांसवाड़ा, झालवाड़ और अन्य कॉलेज में प्राचार्य भर्ती के लिए गत वर्ष फरवरी में आवेदन मांगे थे। ग्यारह महीने से प्राचार्यों की नियुक्तियां नहीं हुई है। इससे इंजीनियरिंग कॉलेज की समस्याएं बढ़ गई हैं। कांग्रेस सरकार ने बदहाल स्थिति को देखते हुए बीते दिसंबर में सभी कॉलेज से रिपोर्ट मांगी थी। इनमें बांसवाड़ा, भरतपुर, अजमेर, झालावाड़, जोधपुर, बीकानेर, बारां और अन्य इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल हैं।

अजमेर इंजीनियरिंग कॉलेज के हाल...
बॉयज इंजीनियरिंग कॉलेज में जून 2015 से स्थाई प्राचार्य नहीं है। यहां राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय को प्रो. रंजन माहेश्वरी कार्यवाहक जिम्मेदार संभाल रहे हैं। इसी तरह राजकीय महिला इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. अजयसिंह जेठू दिसंबर 2017 में में इस्तीफा देकर वापस एमएनआईटी लौट चुके हैं। उनकी जगह प्रो. माहेश्वरी के पास अतिरिक्त जिम्मेदारी है। वे भी इस साल फरवरी में हुए आंदोलन के बाद महिला कॉलेज से इस्तीफा सौंप चुके हैं।

प्राचार्यों ने अटकाया था रोड़ा

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय बॉयज और महिला इंजीनियरिंग कॉलेज को अपना संघटक कॉलेज बनाना चाहता था। तत्कालीन उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी भी इसके लिए तैयार थीं। लेकिन स्वायत्तशासी सोसायटी के अधीन संचालित कॉलेज को यह प्रस्ताव रास नहीं आया। कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्यों ने इसमें रोड़ा अटकाया था। इसके चलते प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। मालूम हो कि इंजीनियरिंग कॉलेज में मनमाने ढंग से नियुक्तियां, पदोन्नतियां, लाखों रुपए की खरीद-फरोख्त, महंगी कार खरीदने की शिकायतें सरकार तक पहुंचती रही हैं।