Exam: सालाना परीक्षामें दो घंटे का हो पेपर , 60 प्रतिशत रखें प्रश्न

इसको लेकर उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव मोहम्मद नईम ने सभी विश्वविद्यालयों को परीक्षा संबंधित कार्यक्रम भेजा है।

By: raktim tiwari

Published: 08 Mar 2021, 08:50 AM IST

अजमेर.

राज्य के विश्वविद्यालयों में सत्र 2020-21 की सालाना परीक्षाओं को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने कार्यक्रम निर्धारित किया है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए विश्वविद्यालयों को दो घंटे का पेपर आर 60 प्रतिशत प्रश्न रखने होंगे। इसको लेकर सभी विश्वविद्यालयों को पत्र भेजा गया है।

उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े राज्य के 15 सरकारी विश्वविद्यालयों में सत्र 2020-21 की वार्षिक परीक्षाएं होनी हैं। इनमें बीए, बीएससी, बी.कॉम, बीए, बीएससी और बी.कॉम ऑनर्स, एमए, एम.कॉम, एमएससी, लॉ प्रथम, द्वितीय, तृतीय तृतीय वर्ष, चार वर्षीय बीएससी और बीए बीएड, दो वर्षीय बीएड, बीएससी होम साइंस, बायोटेक, आईटी सहित अन्य परीक्षाएं शामिल हैं। इसको लेकर उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव मोहम्मद नईम ने सभी विश्वविद्यालयों को परीक्षा संबंधित कार्यक्रम भेजा है।

यह करना होगा विश्वविद्यालयों को
-वार्षिक परीक्षा प्रणाली में पाठ्यक्रमों को रखना होगा यथावत
-पाठ्यक्रम में यूनिट की बाध्यता हटाकर देना होगा आंतरिक विकल्प
-तीन घंटे के बजाय 2 घंटेे का पेपर-पेपर में आनुपातिक रूप से 60 प्रतिशत प्रश्न हल करने का विकल्प
-परीक्षा केंद्रों पर थर्मल स्कैनिंग से तापमान जांच
-सेनेटाइजर की व्यवस्था जरूरी

प्रेक्टिकल और वार्षिक परीक्षाएं
विश्वविद्यालयों को प्रायोगिक परीक्षाएं 15 अप्रेल से प्रारंभ करनी होंगी। स्वयंपाठी डिग्री और डिप्लोमा कोर्स की परीक्षाएं भी इसी दिन शुरू करने को कहा गया है। नियमित विद्यार्थियों की परीक्षाएं 15 मई से शुरु करने को कहा गया है। बीए, बी.कॉम और बीएससी अंतिम वर्ष की वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन अन्य परीक्षाओं से पहले कराने को प्राथमिकता देनी होगी। पीजी प्रीवियस की परीक्षाएं अन्य कक्षाओं की परीक्षाओं के बाद कराई जाएंगी।

31 जुलाई तक परिणाम
बीए, बीएससी और बी.कॉम तृतीय वर्ष की परीक्षाओं के नतीजे 31 जुलाई तक जारी करने जरूरी होंगे। ताकि विद्यार्थियों को कहीं प्रवेश अथवा रोजगार प्राप्ति करने में देरी नहीं हो। सेमेस्टर कोर्स की परीक्षाओं का फैसला विवि अपने स्तर ले सकेंगे।

संदेह के घेरे में परीक्षा केंद्र!
एसीबी ने कॉलेज की सम्बद्धता, सीट बढ़वाने और परीक्षा केंद्र बनवाने की एवज में कुलपति आर. पी. सिंह, दलाल रणजीत सिंह और निजी कॉलेज प्रतिनिधि महिपाल को ट्रेप किया है। जिन कॉलेज में लेन-देन से परीक्षा केंद्र बने हैं, वे संदेह के घेरे में हैं। सरकार, राजभवन और एसीबी को इन पर ध्यान देना जरूरी होगा।

raktim tiwari Reporting
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