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किसान को दिन में मिल सकेगी बिजली,लगाए जाएंगे 5874 सोलर पम्प

इलेक्ट्रिक मोटरों को परिवर्तित किया जाएगा सोलर पैनल से किसानों ने दी सहमति,लगाए जाएंगे सोलर पावर प्वाइंट अपने उपभोग के साथ ही बिजली बेच सकेगा किसान अनुपयोगी जमीन का हो सकेगा उपयोग कुसुम योजना अजमेर डिस्कॉम
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Solar Energy : ऊपर सोलर पैनल से बनेगी बिजली, नीचे होगी खेती

Solar Energy : ऊपर सोलर पैनल से बनेगी बिजली, नीचे होगी खेती

भूपेन्द्र सिंह

अजमेर.सोलर एनर्जी solar enrgyको अपनाते हुए किसानों Farmers ने आत्मनिर्भर बनने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। केन्द्र सरकार के नवीन एंव नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान योजना (पीएम कुसुम pm kusum) के तहत अजमेर डिस्कॉम को 5 हजार 874 किसानों ने अपनी सहमति दे दी है। इन किसानों के कनेक्शन का सोलराइजेशन करते हुए इलेक्ट्रिक मोटरें solar pumps सोलर पौनल से चलाई जाएंगी। इस कार्य के लिए डिस्कॉम ने टेंडर भी जारी कर दिए हैं। 92 फीडर पर इन कनेक्शनों पर सोलर पम्प सेट लगाए। सोलर प्लांट लगाने से किसानों की अनुपयोगी जमीन का उपयोग हो सकेगा। इससे उत्पादित बिजली का उपभोग करने के साथ ही अतिरिक्त बिजली को किसान डिस्कॉम को बेचकर कमाई भी कर सकेगा। किसान को दिन day में बिजलीelectricity मिलेगी। जब मोटर का उपयोग नहीं हो रहा होगा उस दौरान सोलर पैनल से उत्पादित बिजली को किसान ग्रिड को बेच सकेगा इससे उसे कमाई भी होगी। इस योजना के तहत किसान आत्मनिर्भर बन सकेगा,उसे कृषि कनेक्शन के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस योजना के लिए सहायक अभियंता कार्यालय में सम्पर्क करना होगा।

किस जिले में कितने

अजमेर में 140,उदयपुर 73,भीलवाड़ा में 76, राजसमंद 33,चित्तौड़ 84 तथा प्रतापगढ़ में 698 , बांसवाड़ा 2642, डूंगरपुर 2128 तइलेक्ट्रिक मोटरों का सोलराइजेशन करते हुए बदला जाएगा। राजस्थान में 12 हजार 500 सौ बिजली की मोटरों को सोलर पम्पिंग सिस्टम के जरिए रिप्लेस किए जाने का लक्ष्य है। मुफ्त में सिंचाई के लिए बिजली मिलेगी। दिन में सिंचाई के लिए बिजली मिलेगी। अतिरिक्त बिजली बनाकर ग्रिड को भेजते है तो उसके बदले आरईआरसी द्वारा निर्धारित दर पर राशि मिलेगी। इस योजना में 3 एचपी की क्षमता वाले पम्प पर 5 किलोवाट, 5 एचपी की क्षमता वाले पम्प पर 10 किलोवाट तथा 7.5 एचपी की क्षमता वाले पम्प पर 15 किलावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाएगा।

किसान को देना होगा 10 फीसदी हिस्सा

किसान के कुंए पर लगी इलेक्ट्रिक मोटर को सोलर पैनल से बदला जाएगा। किसान को सोलर पैनल के लिए खर्च होने वाली कुल राशि का 10 फीसदी देना होगा। जबकि 30 फीसदी राशि केन्द्र व 30 फीसदी राशि राज्य सरकार देगी। 30 प्रतिशत राशि निगम किसान को ऋण के रूप में उपलब्ध करवाएगा। सोलर पैनल लगाने के बाद इसकी राशि 3 साल में वसूल हो जाएगी। ठेकेदार कम्पनी 5 साल तक इसकी मेंटीनेंस करेगी।

पायलट प्रोजेक्ट हो चुका है सफल

प्रतापगढ़ के सेलरापुर पायलट प्रोजेक्ट अजमेर डिस्कॉम ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रतापगढ़ जिले के सेलारपुर फीडर के 19 कुंओं पर लगी बिजली की मोटरों को सोलर पैनल से परिवर्तित करते हुए सोलराईजेशन किया जा चुका है। जाएगा।

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