कागजों में ही उलझी है तहसीलदारों की डीपीसी!

राजस्व मंडल व राजस्व विभाग लिख रहे एक-दूसरे को पत्र

By: bhupendra singh

Published: 11 Sep 2021, 09:26 PM IST

अजमेर. एक तरफ जहां राजस्व मंडल के पास तहसीलदारों की कमी है, वहीं दूसरी तरफ अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी व नायब तहसीलदार से तहसीलदार की पदोन्नति में अनुभव में एक तिहाई अवधि की छूट का मामला फाइलों से बाहर ही नही आ रहा। इसे लेकर राजस्व मंडल व राजस्व विभाग में पत्राचार खत्म ही नहीं हो रहा।

पूर्व में राजस्व मंडल द्वारा तहसीलदार पद पर पदोन्नति में अनुभव में एक तिहाई छूट से संबंधित प्रस्ताव भेजे जाने पर राजस्व विभाग द्वारा नए प्रपत्र में जानकारी मांगी जाने पर पुन: भेजी गई है।

पेंडिंग है पिछलीं डीपीसी
नायब तहसीलदारों की वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक की लगभग 251 पदों की अर्थना एवं नायब तहसीलदार पद की वर्ष 20-21 आगामी वर्षों की डीपीसी का आयोजन लंबित है। जिससे तहसीलदार पदों में भी भारी कमी है तथा नायब तहसीलदार व प्रशासनिक अधिकारियों को पूर्ण अनुभव भी नहीं हो पाया है। 2021-22 की डीपीसी में 2 वर्ष के अनुभव की शिथिलता कार्मिक विभाग से प्राप्त करने की अर्थना लंबे समय से लंबित है।

इसलिए जरूरी है छूट
वर्तमान में तहसीलदार के कुल 699 पद में से मात्र 314 तहसीलदार ही कार्यरत हैं। अनुभव की छूट दी जाती है तो कुल 71 पदों पर कार्मिकों को पदोन्नत कर तहसीलदार बनाया जाएगा। यदि छूट नहीं दी जाती है तो अनुभव के आधार पर मात्र एक कार्मिक ही तहसीलदार पद पर पदोन्नत होगा।

read more: स्मार्ट सिटी: केन्द्रीय जांच का डर नहीं, प्रोजेक्टों में खपा रहे जंगे लगे सरिए

bhupendra singh Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned