
अजमेर जिले के रूपनगढ़ उपखंड अधिकारी अंजु शर्मा के निलंबन के विरोध में बैठक करते गिरदावर व पटवार संघ के सदस्य।
अजमेर. जिले के रूपनगढ़ उपखंड स्थित कांस्या की ढाणी में ऋण नहीं चुकाने पर एक निजी फाइनेंस कम्पनी की ओर से कर्जदार का मकान सीज करने के दौरान मासूम बालिका को घर में बंद करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक ओर राज्य सरकार ने इस मामले में एसडीएम व थानाधिकारी को निलंबित कर दिया।
उधर, सरकार की इस कार्रवाई के विरोध में उपखंड के गिरदावर व पटवार संघ ने मोर्चा खोल दिया है। पुलिस ने रविवार को निजी फाइनेंस कम्पनी के दो मैनेजरों को गिरफ्तार कर लिया।
उपअधीक्षक (ग्रामीण) सतीश यादव ने बताया कि फाइनेंस कम्पनी के मैनेजर रमन बत्रा (५०) निवासी बी-१०३ भव्य च्लोरी अपार्टमेंन्ट रामनगरिया, जगतपुरा जयपुर व असिसटेन्ट मैनेजर भागचन्द जाट निवासी मूंडली किशनगढ़-रेनवाल को बान्दरसीन्दरी थाना प्रभारी प्रीति रत्नु ने गिरफ्तार किया।
आज मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन
एसडीएम अंजु शर्मा को निलंबित करने के विरोध में रूपनगढ़ तहसील क्षेत्र के पटवारी व गिरदावर संघ की रविवार को हुई बैठक में उपखण्ड अधिकारी निर्दोष मानते हुए निलंबन निरस्त करने की मांग की गई।
पटवार संघ के अध्यक्ष रामस्वरूप जाट के अनुसार इसे लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार रूपनगढ़ को ज्ञापन सौंपेंगे। साथ में एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में गंगाराम चौधरी, किशनलाल चौधरी, करतार जाट, मुकेश कुमार चौधरी सहित पटवारी व गिरदावर मौजूद रहे।
शुक्रवार को विधानसभा में गूंजा था मामला
विधायक सुरेश रावत बच्ची को गोद में लेकर परिजन के साथ विधानसभा पहुंचे थे। इस मामले को उठाते हुए रावत ने जांच की मांग की थी। संसदीय कार्य मंत्री शान्ति धारीवाल ने सदन में वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने को कहा। इस मामले में राज्य सरकार ने रूपनगढ़ एसडीएम अंजु शर्मा व थानाप्रभारी सुनील बेड़ा को निलंबित कर दिया है।
Published on:
16 Feb 2020 11:00 pm
