ब्यावर में अवैध हथियारों की खपत! रज्जाक हत्याकांड के आरोपी ने उगली सच्चाई, पुलिस खंगाल रही रेकार्ड

लोरेंस विश्नोई गैंग से पिस्टल खरीदने की बात आई सामने,रावतमाल निवासी मनोहर सिंह ने सीकर से दिलवाई थी पिस्टल, एक पुलिस ने एसओजी को भिजवाई जानकारी,पुलिस को आशंका है कि ब्यावर सहित ग्रामीण इलाके में अवैध हथियारों की खपत संभव है

By: suresh bharti

Published: 16 Oct 2020, 12:56 AM IST

अजमेर/ब्यावर. अवैध हथियारों के सप्लायर्स व खरीदारों को लेकर पुलिस के कान खड़े हो गए हैं। ब्यावर उपखंड में रज्जाक हत्याकांड में शामिल एक आरोपी ने पिस्टल खरीदने की बात स्वीकार की है। इससे माना जा रहा है कि लोरेंस विश्नोई गैंग लोकल दलालों के माध्यम से ब्यावर क्षेत्र में अवैध हथियारों की बिक्री कर सकती है। ब्यावर सदर थाना क्षेत्र के ग्राम जालिया में युवक की हत्या कर शव को कुएं में डालने के मामले की जांच में नई-नई जानकारियां सामने आ रही है।
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि पिस्टल की खरीद रावतमाल निवासी युवक के जरिए लोरेंस विश्नोई गैंग से की गई थी। यह देशी पिस्टल 45 हजार में खरीदी गई। रावतमाल निवासी युवक के मोबाइल को खंगाला तो उसका जुड़ाव लोरेंस विश्नोई गैंग से होने के बाद पुलिस सजग हो गई है। कॉल डिटेल में पिस्टल दिलाने के आरोपित युवक की लोरेंस विश्नोई गैंग से बातचीत के प्रमाण मिले हैं। पुलिस ने इसकी कॉल डिटेल निकलवाई है। पिस्टल दिलवाने के आरोपित युवक को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

पैंतालीस हजार रुपए में खरीदी

सदर थानाधिकारी सुरेन्द्रसिंह जोधा ने बताया कि रज्जाक की हत्या कर शव को कुएं में डालने के आरोपित आमीर हुसैन उर्फ सांजू एवं खलील हुसैन उर्फ पिन्टू ने पूछताछ में बताया कि उन्हें देशी पिस्टल रावतमाल निवासी मनोहरसिंह ने सीकर से दिलवाई थी। उन्होंने यह पिस्टल ४५ हजार रुपए में खरीदी थी। पुलिस ने मनोहर से पूछताछ की तो सामने आया कि उसकी पहचान लोरेंस विश्नोई गैंग से हंैं। आरोपित फरीदकोट में अफीम तस्करी के मामले में जेल में रहा है।

इस दौरान लोरेंस विश्नोई गैंग के सम्पर्क में आ गया। इसके चलते उसने आमीर एवं खलील को इस गैंग से देशी पिस्टल दिलवाई। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तो सामने आया कि आरोपित मनोहर की लोरेंस गैंग से जुड़े लोगों से कई बार मोबाइल पर बात हुई। इस आधार पर पुलिस ने आरोपित की कॉल डिटेल मंगवाई है।

इन आरोपितों के सम्पर्क में लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि हथियारों के लेन-देन में क्षेत्र के अन्य लोग तो शामिल नहीं है। आरोपियों को पिस्टल दिलवाने वाले आरोपित रावतमाल निवासी मनोहर सिंह के तार सीधे कुख्यात लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े हैं। ऐसे में पुलिस जांच की दिशा अब वहां तक पहुंच गई है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने इस संबंध में एसआईटी, एसओजी को भी सूचित किया है। वहीं पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह से कोई और संपर्क में तो नहीं है।

क्षेत्र में कई गैंग सक्रिय, पुलिस कसेगी शिकंजा

लोरेंस विश्नोई गैंग से ब्यावर क्षेत्र के आरोपित के जुड़ाव की बात सामने आने के बाद अब पुलिस सजग हो गई है। क्षेत्र में महाकाल, बिच्छु गैंग, कोबरा गैंग सहित अन्य नाम से कई गैंग के नाम गत दिनों सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने इससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई थी। एक बार लोरेंस विश्नोई गैंग से जुड़ाव की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है, ताकि लोरेंसे गैंग से जुड़ाव की सही जानकारी सामने आ सके।

suresh bharti Desk
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