शव उठाने की बजाय सीमा विवाद पर दोनों थानेदारों को थमाई चार्जशीट

शव उठाने की बजाय सीमा विवाद पर दोनों थानेदारों को थमाई चार्जशीट
शव उठाने की बजाय सीमा विवाद पर दोनों थानेदारों को थमाई चार्जशीट

Manish Singh | Updated: 12 Oct 2019, 04:01:00 AM (IST) Ajmer, Ajmer, Rajasthan, India

पुलिस की संवेदनहीनता का मामला : मृतक महिला की तीसरे दिन भी नहीं हो सकी शिनाख्त, दुर्घटनाकारित करने वाले बिना नम्बरी टेम्पो की तलाश

अजमेर. फव्वारा सर्किल पर सड़क दुर्घटना में मृत महिला के शव को डेढ़ घंटे तक सड़क पर पड़ा रखने व थाने के हलके को लेकर चली खींचतान के मामले में पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने गंज व सदर कोतवाली के थानेदारों को दोषी करार दिया। एसपी ने प्रकरण में शुक्रवार को उन्हें चार्जशीट (आरोप-पत्र) थमाने के आदेश दिए। इधर वारदात के तीन दिन बाद भी महिला की पहचान हीं हो सकी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हादसाकारित करने वाले बिना नम्बरी टेम्पो के चालक की तलाश शुरू कर दी है।

एसपी राष्ट्रदीप ने शुक्रवार को फव्वारा सर्किल पर कोतवाली थाने के उप निरीक्षक देवाराम चौधरी एवं गंज थाने के उपनिरीक्षक बालूराम चौधरी के बीच घटनास्थल के हलके को लेकर चल रहे विवाद का वीडियो सामने आने पर आरोप तय कर दिए। उन्होंने एसआई बालूराम व देवाराम को दुर्घटना का शिकार हुई महिला के शव को उठाने की बजाय घटनास्थल व पुलिस थाने की सीमा को लेकर विवाद करने पर दोषी पाया। उन्होंने मामले में शुक्रवार दोनों थानाप्रभारियों के बयान के बाद चार्जशीट (आरोप-पत्र) दे दी।

यूं चला था घटनाक्रम

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दुर्घटना अलसुबह करीब 5 बजे घटित हुई। दुर्घटना के बाद गंज थाने से एसआई बालूराम घटनास्थल पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद एम्बुलेंस भी पहुंच गई। कुछ देर बात सदर कोतवाली से एसआई देवाराम भी घटनास्थल पर पहुंच गए। यहां पहले से मौजूद बालूराम ने घटनास्थल कोतवाली थाना हलके में होना बताते हुए शव उठाने से इन्कार कर दिया। इधर देवाराम ने भी थानाधिकारी को घटना से अवगत करवा दिया। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक शव सर्किल पर सड़क पर ही पड़ा रहा। सुबह 6 बजकर 35 मिनट पर आलाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद एसआई देवाराम ने शव जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया।

इनका कहना है...

पत्रिका में प्रकाशित खबर के बाद दोनों उप निरीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन घटनास्थल का वीडियो सामने आने पर काफी हद तक सच बाहर आ चुका है। मानवीय पहलू यह है कि शव को पहले अस्पताल पहुंचाया जाना चाहिए था। घटनास्थल या हलके को लेकर जो संशय था उसका निस्तारण बाद में भी किया जा सकता है। दोनों को ही चार्जशीट दी गई है।

-कुंवर राष्ट्रदीप, पुलिस अधीक्षक

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