रेलवे में निजीकरण और निगमीकरण के खिलाफ प्रदर्शन

रेलवे में निजीकरण और निगमीकरण के खिलाफ प्रदर्शन
केन्द्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन करते रेलवे कर्मचारी।

Suresh Bharti | Publish: Sep, 21 2019 07:25:03 AM (IST) Ajmer, Ajmer, Rajasthan, India

केन्द्र सरकार की नीतियों के विरोध में आंदोलन जारी,नार्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन का मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

अजमेर. केन्द्र सरकार की सौ दिवसीय कार्ययोजना के तहत रेलवे उत्पाद इकाइयों के निगमीकरण और प्रमुख यात्री ट्रेनों को प्राइवेट ऑपरेटर्स को देने की योजना के खिलाफ पूरे देश में जारी चेतावनी सप्ताह के तहत शुक्रवार को नार्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन की ओर से मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया।

यूनियन के महामंत्री मुकेश माथुर ने कहा कि एक जिम्मेदार संगठन होने के नाते आज हमारी सबसे पहली प्राथमिकता भारतीय रेल को बचाने की है।

सरकार एक-एक कर रेलवे की प्रत्येक इकाइयों को निगमीकरण, निजीकरण, पी.पी.पी. आऊट सोर्सिेंग के माध्यम से बर्बाद कर रही है। इससे देश की जनता सबसे सरल, सुगम एवं सस्ते यातायात के साधन से वंचित हो जाएगी। रेलों में निजीकरण का सीधा प्रभाव रेल कर्मचारियों एवं उसके परिवार पर पडऩे वाला है।

वेतन आयोग की विसंगतियों करो दूर

जोनल अध्यक्ष भूपेन्द्र भटनागर ने कहा कि केन्द्र सरकार 7 वें वेतन आयोग कि विसंगतियों को दूर नहीं कर रही है। न्यूनतम वेतन एवं फि टमेन्ट फ ार्मूले में संशोधन पर सरकार खामोश है। नई नई नीतियां लाकर सरकारी कर्मचारियों में भय का वातावरण पैदा कर रही है।

मंडल सचिव अरुण गुप्ता ने कहा कि नई पेंशन नीति समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग काफी समय से लंबित है,लेकिन सरकार इसकी अनदेखी कर रही है। सभा को एन. एन. मीणा, विपुल सक्सेना, सारिका जैन ने भी संबोधित किया।

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