
save daughters programme
अजमेर.
बेटियां देश, समाज और परिवार के लिए अनमोल हैं। हमें कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराध को रोककर बेटियों का संरक्षण करना चाहिए। यह बात सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय की प्राणी शास्त्र विभाग की सह आचार्य डॉ. रीना व्यास ने घूघरा ग्राम पंचायत में आयोजित बेटी पंचायत कार्यक्रम के तहत कही।
डॉ. व्यास ने कहा कि बेटियां किसी भी परिवार, देश और समाज के लिए जरूरी हैं। कन्या भ्रूण हत्या कलंकित अपराध है। बच्चियों को कोख में कत्ल करने के बजाय उन्हें दुनिया में आने देना चाहिए। बेटियों का सही तरीके से लालन-पालन और शिक्षा सुविधा मिले तो वह परिवार का नाम रोशन कर सकती है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और सरकार ने जागरुकता के लिए बेटियां अनमोल कार्यक्रम चलाया है। बेटी पंचायत के आयोजन का मकसद भी लोगों को जागरुक करना है। इस दौरान डैप रक्षकों ने वीडियो के माध्यम से बेटी बचाओ कार्यक्रम की जानकारी दी।
ग्रामीणों को कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम की शपथ दिलाई गई। स्कूली विद्यार्थियों को भी बेटियों की महत्ता, पोषण युक्त भोजन और स्वास्थ्य संबंधित जानकारी दी गई। घूघरा सरपंच पूजा भंसाली, बीना ओझा, सीमा गुर्जर, डॉ. अनिता खुराान, मोहन चौहान, कृष्णराम और अन्य मौजूद रहे।
2019 पर टिकी हैं खास निगाहें..
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय साल 2109 में होने वाली सालाना परीक्षाओं के फार्म जल्द भरवाना शुरू करेगा। इस बार दो चरणों में ऑनलाइन फार्म भरवाए जा सकते हैं। फार्म में नाम और अन्य त्रुटियां कम करने के लिए कॉलेज को खास जिम्मेदारी दी जा सकती है।
विश्वविद्यालय 2019 में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के ऑनलाइन फार्म भरवाएगा। इनमें स्नातक और स्नातकोत्तर विषयों में अध्ययनरत प्राइवेट और नियमित विद्यार्थी शामिल हैं। कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी ने परीक्षा विभाग को फार्म भरवाने की तैयारी शुरू करने को कहा है। इसको लेकर विभाग जल्द उच्च स्तरीय बैठक कराने में जुट गया है।
दो चरणों में फार्म भरवाने की योजना
विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं के परीक्षा फार्म एक साथ भराता है। इससे कॉलेज में भी हार्ड कॉपी जमा कराने वालों की भीड़ बढ़ती है। साथ ही ई-मित्र और बैंकों में भी जबरदस्त परेशानियां होती हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय दो चरणों में फार्म भरवाने की योजना बना रहा है। इसके तहत पहले चरण में प्रथम-द्वितीय वर्ष और स्नातकोत्तर कक्षाओं के परीक्षा फार्म भरवाए जाएंगे। जबकि दूसरे चरण में सिर्फ तृतीय वर्ष और व्यावसायिक परीक्षाओं के फार्म भरे जाएंगे। इसकी कार्ययोजना बनाकर कुलपति को सौंपी जाएगी।
Published on:
09 Sept 2018 08:18 am
