'सोलर सिटी भी बनेगा स्मार्ट अजमेर

सरकारी विभागों में बिना खर्च लगेंगे प्लांट :

4.15 रुपए की दर पर मिलेगी बिजली

, रेस्को मॉडल पर लगाए जाएंगे बड़े प्लांट

अजमेर. स्मार्ट सिटी smart city के रूप में विकसित हो रहे अजमेर शहर ग्रीन एनर्जी green energy से लैस होने जा रहा है। अब तक वृहद क्षमता के सोलर प्लांट Solar piant की स्थापना के लिए लाखों रुपए का निवेश करना पड़ता था। लेकिन अब बड़े प्लांट की स्थापना के लिए सरकारी विभागों को राशि खर्च करने की जरूरत नहीं है। ऊर्जा विभाग ने इसके लिए नियमों में बदलाव करते हुए परिपत्र जारी किया है। आमजन से लेकर सरकारी विभाग तक सौर ऊर्जा से बिजली का उत्पादन कर उपभोग में ले रहे हैं। हालांकि फिलहाल ऐसे उपभोक्ताओं की तादाद कम है। जिले में 6 मेगावाट बिजली का उत्पादन सोलर प्लांट के जरिए हो रहा है।

कंपनी से होगा करार

ऊर्जा विभाग के रेस्को मॉडल पर रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाए जाने के लिए सरकारी विभाग को कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। प्लांट की स्थापना के लिए राजस्थान रिन्यू्अल एनर्जी कॉर्पोरेशन (आरआरईसीएल), सम्बन्धित सरकारी विभाग तथा प्लांट स्थापित करने वाली कम्पनी के बीच करार होगा। प्लांट से उत्पादित बिजली को सरकारी विभाग 4.15 रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदेगा। इससे उपभोक्ता के बिजली के बिल में भारी कमी आएगी।
सस्ती मिलेगी बिजली

आमतौर पर व्यावसायिक बिजली की दर 9 रुपए प्रति यूनिट के करीब पड़ती है। जबकि रेस्को मॉडल के सोलर प्लांट से यह बिजली 4.15 रुपए प्रति यूनिट में ही मिलेगी। प्लांट की स्थापना तथा 25 साल तक रख-रखाव प्लांट स्थापित करने वाली कम्पनी ही करेगी। अब तक शहर में रेस्को मॉडल पर रीजनल कॉलेज में 400 किलोवाट, एमडीएस विश्वविद्यालय में 500 किलोवाट तथा महिला इंजीनियरिंग कॉलेज में सोलर प्लांट लगाया जा चुका है।

राजस्व मंडल में 150 किलोवाट प्लांट लगेगा
रेस्को मॉडल पर राजस्व मंडल में 150 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आरआरइसीएल व राजस्व मंडल के बीच बातचीत चल रही है। सोलर प्लांट के लिए 2 कम्पनियों ने रुचि दिखाई है। राजस्व मंडल में बिजली की मौजूदा खपत के अनुसार दो माह में तकरीबन ढाई लाख रुपए का बिल आता है जो प्लांट लगने के बाद घट कर एक से डेढ़ लाख रुपए तक का हो जाएगा। इसके अलावा राजस्व मंंडल में पूर्व में स्थापित 25 किलोवाट के प्लांट को पुन: स्थापित किया जाएगा। निर्माण कार्य के चलते इसे हटाया दिया गया था। रेस्को मॉडल पर जेएलएन अस्पताल में भी सोलर प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है। रेस्को मॉडल पर जेएलएन अस्पताल में 500 व माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में 125 किलोवाट का सोलर प्लांट रेस्को मॉडल पर लगाया जाएगा।

स्मार्ट सिटी के तहत 14 विभागों का चयन

स्मार्ट सिटी के तहत शहर को सोलर सिटी बनाने की योजना है। इसके लिए सरकारी भवनों का सर्वे करवाया गया है। जिसमें 14 सरकारी भवन चिह्निनत कर लिए गए हैं। इनके अलावा आनासागर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में भी 350 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया जाना है। इससे उत्पादित बिजली से ही प्लांट का संचालन किया जाएगा। शहर में रेलवे,अजमेर डिस्कॉम, मदस विवि, जीसीए, रीजनल कॉलेज, बीजीय अनुसंधान केन्द्र,नगर निगम, एडीए, गांधी भवन, मेयो कॉलेज सहित अन्य स्कूल,कॉलेज व निजी भवनों तथा होटलों पर सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं।
क्या है रेस्को मॉडल

रेस्को(रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी) एक ऐसी ऊर्जा प्रदाता कंपनी है जो प्रचलित तौर-तरीकों (पावर हाऊस) से बिजली का उत्पादन और वितरण नहीं कर विंडमिल (पवन चक्की), सौर ऊर्जा अथवा पानी जैसे नेचुरल रिसोर्सेज से बिजली का उत्पादन करने की तकनीक उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराती है।

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bhupendra singh Reporting
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