चालाकी काम न आई : सोचा था मियां-बीवी पर कोई शक नहीं करेगा,90 लाख की स्मैक के साथ पुलिस ने दबोचा

मादक पदार्थों के मामले में भरतपुर रेंज की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई,रेव पार्टियों में होता अफगानी स्मैक का इस्तेमाल,प्रतापगढ़ जिले के अरनोद थाना क्षेत्र के कोटरी गांव निवासी दम्पती समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

By: suresh bharti

Published: 11 Apr 2021, 11:37 PM IST

अजमेर/हिण्डौनसिटी (करौली). आरोपी तस्करों ने सोचा था कि मियां-बीवी को देख कोई उन पर शक नहीं करेगा,लेकिन वह पुलिस की नजरों से बच नहीं सके। हिण्डौनसिटी के नई मंडी थाने की पुलिस ने मादक पदार्थों की धरपकड़ मामले में भरतपुर रेंज में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को डीएसटी व नई मंडी पुलिस ने बाजना फाटक के पास घेराबंदी कर प्रतापगढ़ जिले के स्मैक तस्कर दंपती समेत तीन जनों को दबोच लिया।

एसपी ने मृदुल कच्छावा ने बताया कि तस्करों के कब्जे से 90 लाख रुपए कीमत की 700 ग्राम देशी (भारतीय) -विदेशी (अफगानी) स्मैक को जब्त करने के अलावा 28 हजार 390 रुपए नकद व एक पॉवर बाइक जब्त की है। सूत्रों की मानें तो भरतपुर रेंज में इतनी बड़ी मात्रा में देशी-विदेशी स्मैक की खेप पकडऩे का यह पहला मामला बताते है।

स्मैक तस्कर दंपती प्रतापगढ़ जिले के अरनोद थाना क्षेत्र के कोटरी गांव निवासी कारूदास बैरागी व उसकी पत्नी कांताबाई तथा नई मंडी थाना क्षेत्र के बेड़ा बनकी गांव की ढाणी भूरी का पुरा निवासी गोविन्द गुर्जर है। इनके कब्जे से 300 ग्राम भारतीय स्मैक व एक किलो अफगानी स्मैक के अलावा एक किलो चाल (स्मैक में मिलाने का पाऊडर), बिना नंबर की पॉवर बाइक व 28 हजार 390 रुपए की राशि जब्त किए हैं।

यूं अंजाम दी बड़ी कार्रवाई

रविवार को प्रतापगढ़ के स्मैक तस्कर दंपती के हिण्डौन में स्मैक की आपूर्ति देने की सूचना मुखबिर के जरिए डीएसटी को मिली थी। इस पर डीएसटी प्रभारी यदुवीर सिंह ने नई मंडी थाना प्रभारी दिनेश चंद मीणा व पुलिस जाप्ते के साथ बाजना फाटक के पास नाकाबंदी कराई। इस दौरान बाजना की ओर से बिना नंबर की पल्सर बाइक पर महिला समेत तीन जने आते दिखे।

पुलिस टीम ने उन्हें रोकना चाहा तो आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन हड़बड़ी में बाइक फिसल गई। इसके चलते पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। तलाशी में भूरी का पुरा निवासी गोविन्द के पास 350 ग्राम स्मैक, एक किलो स्मैक में मिलाने वाली चाल (टांका) व 7 हजार 540 रुपए मिले। प्रतापगढ़ निवासी कारूदास के पास 300 ग्राम भारतीय स्मैक, एवं एक किलो अफगानी स्मैक (स्मैक में मिलाने वाली पॉवर) तथा 20 हजार 850 रुपए पाए गए। महिला तस्कर कांताबाई के पास 50 ग्राम स्मैक मिली। पुलिस व डीएसटी ने कुल 700 ग्राम भारतीय व एक किलो अफगानी स्मैक के अलावा एक किलो चाल (स्मैक में मिलाने का पाऊडर) व 28 हजार 390 रुपए जब्त कर लिए।

तस्करों को पकडऩे वाली पुलिस टीम

स्मैक तस्करों को पकडऩे वाली टीम में डीएसटी प्रभारी यदुवीर सिंह, सहायक उप निरीक्षक राजवीरसिंह, परमजीत सिंह, मानसिंह, तेजवीर, मोहनसिंह, नरेन्द्र सिंह, संदीप, नमोनारायण के अलावा नई मंडी थाना प्रभारी दिनेश कुमार मीना, उप निरीक्षक महेन्द्रसिंह, सहायक उप निरीक्षक रामवीरसिंह, धीरज मूंडिया, शीशराम, रामेश्वर, विजय पाराशर, ज्योति शामिल थे। पुलिस टीमों को पुलिस अधीक्षक द्वारा नगद ईनाम व प्रसंशा-पत्र प्रदान किया जाएगा।

इनकी रही विशेष भूमिका

भरतपुर रेंज की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने में डीएसटी के जाबांज पुलिसकर्मी परमजीत सिंह, तेजवीर व मान सिंह की विशेष भूमिका रही। तीनों कांस्टेबलों ने दिन-रात स्मैक तस्करों के बारे में मुखबिरों के जरिए सूचनाएं संकलित की। जिसके पुलिस की शान बढाने वाली अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया जा सका।

अफगान स्मैक का रेव पार्टियों में होता उपयोग

पुलिस के मुताबिक भारत में अफगान से आने वाले मादक पदार्थों की सबसे अधिक मांग है। उनकी क्वालिटी इतनी बेहतर होती है कि नशे के सौदागार इसके लिए मुंहमांगी रकम देने को तैयार रहते हैं। अफगान के ड्रग्स की सप्लाई पहले देश के बड़े महानगरों में होती थी, लेकिन अब अफगानी नशे की खेप कोटा और प्रतापगढ़ के रास्ते करौली जिले में पहुंचने लगी है। बताते हंै कि अफगानिस्तान से यह स्मैक दिल्ली आती है। उसके बाद नशे के सौदागर देश के विभिन्न हिस्सों में इसकी आपूर्ति करते हैं। पुलिस का कहना है कि अफगान स्मैक में अधिक पॉवर होने की वजह से इसका उपयोग अधिकतर रूप से रेव पार्टियों में होता आया है।

suresh bharti Desk
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