COVID-19 मुफ्त राशन के गेहूं में भी गरीबों से 'छल'

लॉकडाउन की राहत में गबन व फर्जीवाड़ा : सोलह दिन में सामने आए 12 मामले, तीन पर केस दर्ज

By: manish Singh

Published: 10 Apr 2020, 05:00 AM IST

मनीषकुमार सिंह

अजमेर. कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए लगाया लॉकडाउन राशन डीलर्स के लिए वरदान साबित हो रहा है। खाद्य सुरक्षा योजना में केन्द्र सरकार की ओर से तीन माह तक दोगुना मुफ्त गेहूं देने की घोषणा के बाद राशन विक्रेता लाभार्थियों को छलने से बाज नहीं आ रहे हैं। जब रसद विभाग ने सख्ती दिखाई तो बीते 7 दिनों में बारह राशन डीलर कानूनी कार्रवाई की जद में आ गए।

रसद विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रेल के 9 दिन के लॉकडाउन में अजमेर जिले में 12 राशन डीलर गबन व फर्जी ट्रांजेक्शन करते पकड़े जा चुके हैं। सभी जगह कमोबेश यहीं हालात पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना की राशन सामग्री हड़पने वाले राशन विक्रेताओं पर सख्ती के आदेश दिए हैं। अजमेर में जिला रसद अधिकारी के आदेश पर अब तक 12 राशन विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित और तीन के खिलाफ गबन और फर्जी ट्रांजेक्शन के मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।

सहकारिता विभाग भी नहीं पीछे
सहकारिता विभाग की ओर से संचालित ग्राम सेवा सहकारी समितियां भी उपभोक्ताओं को छलने से बाज नहीं आई। इसमें केकड़ी के कालेड़ा कृष्णगोपाल व नसीराबाद दिलवाड़ा की जीएसएस शामिल है।

ये हैं कारगुजारियां
-राशन डीलर्स कुछ उपभोक्ता को 15 अप्रेल के बाद बुला रहे हैं तो कुछ को पहले। रसद विभाग ने मुफ्त में दोगुना दिए जाने वाले राशन को दो किश्त में देने की व्यवस्था की है।

-कुछ जगह तो मुफ्त के राशन के भी उपभोक्ता से पैसे लिए गए।
-ओटीपी की आड़ में बिना मोबाइल वाले उपभोक्ता को रियायत में रजिस्टर में इन्द्राज कर लिया।

-लम्बे समय से डम्प (इस्तेमाल नहीं हो रहे) राशनकार्ड फिर से शुरू।

इनका कहना है...
खाद्य सुरक्षा योजना, बीपीएल, स्टेट बीपीएल व अन्त्योदय योजना से जुड़े उपभोक्ताओं को तीन माह तक दोगुना मुफ्त गेहूं दिया जाएगा। राशन विक्रेता की गड़बड़ी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जा रही है।

-अंकित पचार, जिला रसद अधिकारी द्वितीय

manish Singh Reporting
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