चिकित्सक पति की आत्महत्या खबर सुनकर पत्नी ने बेटी के साथ टैंक में लगाई छलांग

एक साथ तीन शव आते ही पहाड़सर गांव में मचा कोहराम, सुसाइड नोट में लिखा कि... वो जिंदगी की भागदौड़ से तंग आ गए हैं, भगवान उनकी मौत के जिम्मेदार हंै...

By: suresh bharti

Published: 25 Sep 2020, 12:24 AM IST

अजमेर/चूरू. आखिर क्या कमी थी इस शिक्षित परिवार के पास! दोनों पति-पत्नी खूबसूरत थे। पति चिकित्सक तो पत् नी सरकारी कॉलेज में व्याख्याता। फिर भी दोनों ने (suicid )आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया। इससे पहले पति ने अपनी दो बेटियों व बीवी के भविष्य के बारे में थोड़ा भी नहीं सोचा।

उधर, (wife) पत्नी ने जैसे ही पति की मौत की खबर सुनी तो वह छोटी बेटी के साथ पानी से भरे टैंक में कूद गई। इसके चलते मां-बेटी की डूबने से (death) मौत हो गई। हादसे के बाद जिसने भी यह खबर सुनी तो सन्न रह गए। किसी मित्र, परिचित और परिजन को विश्वास ही नहीं हुआ कि चिकित्सक पति और व्याख्याता पत्नी (suicid) आत्महत्या जैसा कदम भी उठा सकते हैं।

तीनों शव पहुंचते ही मचा कोहराम

चूरू जिले के सादुलपुर उपखंड क्षेत्र के आदर्श सैनिक पहाड़सर गांव में पति-पत्नी एवं पुत्री का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। कई घरों में चूल्हे नहीं जले। ग्रामीणों ने नम आंखों से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की शवयात्रा निकाल कर अंतिम संस्कार किया।

समाजसेवी सुरेश फौजी ने बताया कि हरियाणा के रोहतक में हैल्थ यूनिवर्सिटी के नर्सिंग कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर पहाड़सर निवासी डॉ. प्रमोद सहारण ने सुसाइड कर लिया। इसकी सूचना मिलते ही दो बेटियों सहित पत्नी भी जलघर टैंक में कूद गई, लेकिन बड़ी बेटी बच गई। छोटी बेटी व पत्नी की मौत हो गई।

जिंदगी की भागदौड़ से तंग...

हरियाणा पुलिस को डॉ. सहारण (35) की कार में एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें डॉ. प्रमोद ने लिखा कि वह जिंदगी की भागदौड़ से तंग आ गए हैं, भगवान उनकी मौत के जिम्मेदार हैं। किसी दूसरे को पुलिस जिम्मेदार न ठहराए। फौजी ने बताया कि डॉ.प्रमोद की शादी चरखी दादरी निवासी मीनाक्षी सांगवान के साथ हुई थी। जो हरियाणा में कलानोर के सरकारी स्कूल में बायोलॉजी की व्याख्याता थी। डॉ. प्रमोद ने विषाक्त खाकर आत्महत्या कर ली।

बेटी उनका नाम रोशन करेगी

वहीं डॉ.प्रमोद ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि उनकी बेटी उनका नाम रोशन करेगी। पुलिस जांच में पता चला कि डॉ. प्रमोद सहारण खुश मिजाज थे। कुछ दिन पहले उनके भाई की मौत हुई थी। इसके बाद वह दुखी रहने लगे थे। बड़े भाई विनोद की बीमारी से मौत हो गई। छोटा भाई ईश्वर सिंह सेना में हैं। ग्रामीणों ने पिता फतेहसिंह को सांत्वनाएं दी।

suresh bharti Desk
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