वह सुहाग की मौत का सदमा सहन नहीं कर पाई,पति की अर्थी उठने के बाद पत्नी ने भी तोड़ा दम

पति की तबीयत खराब होने पर चिकित्सक के पास ले जाया गया, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया, उधर पत् नी ने भी दो घंटे बाद तोड़ा दम

By: suresh bharti

Published: 12 May 2021, 01:09 AM IST

ajmer अजमेर/केकड़ी. भारतीय हिन्दू संस्कृति में विवाह के समय अग्नि के समक्ष सात फेरे यूं ही नहीं लेते। गठजोड़ के वक्त पति-पत्नी को साथ जीने और साथ मरने,जन्म-जन्म का साथ निभाने,सुख-दुख में भागीदार बनने सहित कई वचन दिए जाते हैं। आखिर किसी विवाहिता के सुहाग पर कोई संकट कैसे आ जाए। पति की एक-एक सांस पर पत्नी का अधिकार है। उसके लहू का एक-एक कतरा उसका जीवन है। पति के बिना पत्नी का जीवन अधूरा रहता है।

ऐसा ही एक मामला मंगलवार को केकड़ी शहर में चरितार्थ हुआ। उपखंड मुख्यालय केकड़ी स्थित छगनपुरा इलाके में रहने वाले पति की मौत को पत्नी सहन नहीं कर पाई। घर पर पति की अर्थी सजाई जा रही थी। तभी पत्नी बेसुध हो गई। परिजन अर्थी को लेकर मोक्षधाम पर रवाना हो गए। पीछे से पत्नी ने भी दो घंटे बाद ही यह दुनिया छोड़ दी।

मियां-बीवी की पास-पास जलाई चिंता

एक साथ पति-पत्नी की मौत से क्षेत्र में मातम छा गया। परिजन के अनुसार शिव कॉलोनी, छगनपुरा निवासी 67 वर्षीय रामस्वरूप गोगावत हलवाई का कार्य करते थे। सोमवार शाम लगभग 4.30 बजे उनकी तबीयत बिगडऩे पर चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। देर शाम परिजन दाह संस्कार करने शव देवगांव गेट स्थित श्मशान स्थल ले गए। यहां लगभग 6.30 बजे चिता में अग्नि प्रवेश कराते ही परिजन के पास घर से फोन आया कि रामस्वरूप की पत्नी मुन्नी देवी (61) की तबीयत भी खराब हो गई है। समाज के कुछ लोग व परिजन घर पहुंचे तो पता चला कि मुन्नी देवी ने पति की अर्थी उठने के कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया। एक साथ दो मौत होने पर परिजन समेत मोहल्लेवासियों की रुलाई फूट पड़ी। देर शाम रामस्वरूप की चिता के पास ही मुन्नी देवी की चिता सजाकर दाह संस्कार कर दिया गया। दोनों का एक पुत्र है, वह भी लम्बे समय से बीमार चल रहा है

महिला की मौत,एक गंभीर घायल अजमेर रेफर

पीसांगन. थाना क्षेत्र के कालेसरा में बुधवाड़ा रोड पर खारी नाडी के पास मंगलवार को अपराह्न खेत पर मजदूरी कर घर लौटते वक्त ट्रैक्टर की चपेट में आने व फि र असन्तुलित होकर ट्रेक्टर ट्रॉली पलट जाने से सडक़ किनारे पैदल चल रही महिला की मौत हो गई। वहीं पैदल चल रही और ट्रॉली में बैठी 2 पुरुष व 15 महिला श्रमिक चोटिल हो गईं।

सभी घायलों को 108 आपातकालीन एम्बुलेंस से सामुदायिक चिकित्सालय पहुंचाया, जहां 17 घायलों में से एक गंभीर श्रमिक को अजमेर रेफ र किया गया। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही थानाधिकारी प्रीति रत्नू मय जाप्ता चिकित्सालय पहुंची, जहां पोस्टमार्टम कराकर महिला का शव परिजनों को सौंपा गया। महिला के पति की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की। थानाधिकारी रत्नु के अनुसार दुर्घटना में कालेसरा निवासी सुरमा जाट की पत्नी 48 वर्षीय सीता की मौत हो गई। वहीं कालेसरा निवासी बोदू, नाथी पत्नी प्रहलाद, मंजू देवी पत्नी गोविंद, स पू पुत्री जगदीश जाट, रेखा पत्नी उमराव, पूनम पुत्री सुरेश मेघवाल, राजू पुत्र सुखाराम जाट, हरद्वारी पत्नी भंवरलाल, पूजा पुत्री लालाराम, रतनी पत्नी लालाराम नायक, मतिया पत्नी हरिराम गुर्जर, गीता पत्नी मिठू, ललिता पुत्री जगदीश जाट, रेखा पत्नी सुरेश मेघवाल, लीला पुत्री कानाराम, छोटी पत्नी गोपाल, नूरजहां पत्नी बरकत अली घायल हो गई। वही गंभीर घायल रेखा देवी को अजमेर रेफ र किया गया। मामले की जांच हैड कांस्टेबल छोटूराम को सौंपी गई है।

suresh bharti Desk
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