रेजीडेंट चिकित्सकों का कार्य बहिष्कार, गड़बड़ाए इंतजाम

जेएलएन अस्पताल में रोगी के परिजनों ने की थी मारपीट, शाम को कैंडल मार्च निकाला

By: CP

Updated: 02 Sep 2021, 01:59 AM IST

अजमेर. जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में रेजीडेंट डॉक्टर्स ने कुछ रेजीडेंट चिकित्सकों के साथ मरीजों के परिजन द्वारा की गई मारपीट के विरोध में बुधवार को आपातकालीन सहित अन्य चिकित्सा सेवाओं का कार्य बहिष्कार कर दिया। बाद में अस्पताल अधीक्षक एवं मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल से मुलाकात कर एफआईआर की प्रति मिलने के बाद ही हड़ताल संबंधी निर्णय की बात कही। उधर, रेजीडेंट के कार्य बहिष्कार के चलते अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं गड़बड़ा गई। शाम को रेजीडेंट चिकित्सकों ने कैंडल मार्च निकाल विरोध जताया।

चिकित्सा सेवाओं पर पड़ा असर

जेएलएन अस्पताल में बुधवार सुबह रेजीडेंट चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार करने से अस्पताल की ओपीडी, कैज्युल्टी एवं अन्य आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो गई। कैज्युल्टी में भी कई घायलों, गंभीर रोगियों के उपचार में परेशानी हुई। सीनियर फैकल्टी मेम्बर्स व चिकित्सकों ने जिम्मा संभाला।

लगी मरीजों की कतार, कराहते रहे रोगी

रेजीडेंट चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार के चलते ओपीडी में मरीजों की लम्बी कतारें लगी रहीं। कैज्युल्टी में भी एकसाथ आए गंभीर मरीजों व घायलों के तत्काल उपचार में परेशानी हुई। कुछ मरीज तो ट्रॉली पर ही कराहते रहे। नर्सिंगकर्मी मरीजों का उपचार करते नजर आए।

250 रेजीडेंट ने किया बहिष्कार

मारपीट के विरोध में मेडिकल कॉलेज के करीब 250 रेजीडेंट चिकित्सकों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक ने बुधवार सुबह कहा कि एफआईआर की प्रतिलिपि जब तक नहीं मिलती तब तक रेजीडेंट चिकित्सक काम पर नहीं लौटेंगे। इसके बावजूद दोपहर बाद तक इस मामले में फैसला नहीं हो सका।

सीनियर चिकित्सकों को लगाया

अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल जैन ने बताया कि कैज्युल्टी एवं आईसीयू में सीनियर फैकल्टी मेम्बर/चिकित्सकों को लगाया गया। मेडिसन, ऑर्थोपेडिक, न्यूरो आदि के चिकित्सक कैज्युल्टी में लगा दिए हैं। चिकित्सा सेवाएं ज्यादा प्रभावित नहीं हुई।

CP Reporting
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