AMU के डेंटल कॉलेज में क्लीनिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम में प्रवेश की तिथि बढ़ी

-अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के डॉ. जेडए डेंटल कॉलेज में प्रवेश की तिथि बढ़ाई
-तीन महीने के ‘‘क्लीनिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम’’ के लिए मांगे गए हैं आवेदन
-एएमयू की वेबसाइट से फार्म डाउनलोड कररे भरें और ईमेल आईडी पर भेजें

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के डॉक्टर जेडए डेंटल कॉलेज के ओरल एवं मैग्जीलोफेशियल सर्जरी विभाग द्वारा ‘‘ओरल एवं मैग्जीलोफेशियल सर्जरी’’ में 1 अगस्त 2019 से प्रारंभ होने वाले तीन महीने के ‘‘क्लीनिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम’’ के लिये प्रवेश की तिथि बढ़ा दी गई है। अब 20 जुलाई 2019 तक प्रवेश फार्म स्वीकार किये जायेंगे।

ये भी पढ़ें - सीएम योगी जिस मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 की खुद कर रहे निगरानी, उसका ये वायरल ऑडियो सुनकर आप भी रह जाएंगे हैरान

यहां करें आवेदन
ओरल एवं मैग्जीलोफेशियल सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर शादाब एम रिज़्वी ने बताया कि पहले आओ पहले पाओ के आधार पर केवल चार अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। आवेदन फार्म को अमुवि की वेबसाइट www. amu .ac.in से डाउनलोड किया जा सकता है। फार्म को भर कर ईमेल आईडी [email protected] अथवा [email protected]पर प्रेषित करें। प्रवेश की योग्यता बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) है।

ये भी पढ़ें - Patrika News @6pm: भाजपा विधायक की पुत्री ने किया दलित युवक से प्रेम विवाह, मानसून से खिले किसानों के चेहरे, एक क्लिक में पढ़ें अब तक की बड़ी खबरें

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर मिर्जा एम कामरान तथा डॉक्टर शाद अबरी ने फ्रेंकफर्ट, जर्मनी में वार्षिक कार्डियक स्ट्रेक्चरल एण्ड इंटरवेंशनल (सीएसआई) कांफ्रेंस में भाग लिया तथा जेएन मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक कार्डिक इवेल्युऐशन एण्ड कार्डिक सर्जरी यूनिट (टीसीई-सीएस) से सम्बन्धित तीन शोध पत्र एवं पोस्टर्स प्रस्तुत किये। पोस्टर प्रजेंटेशन का संचालन प्रख्यात बाल हृदय रोग विशेषज्ञ कर रहे थे। डॉक्टर कामरान ने 5 किलो ग्राम से कम वजन वाले तथा गंभीर पलमोनरी हायपरटेंशन से ग्रस्त बच्चों पर किये गये पीडीए डिवाइस क्लोजर के डाटा पर आधारित दो शोध पत्र प्रस्तुत किये जबकि डॉक्टर शाद अबकरी ने वीएसडी डिवाइस क्लोजर के बीच उत्पन्न होने वाली जटिलता के एक केस पर चर्चा की। पीसीई-सीएस यूनिट के संयोजक प्रोफेसर तबस्सुम शहाब ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे संस्था के शैक्षणिक एवं शोध विकास के लिये प्रासंगिक बताया।

ये भी पढ़ें - डॉक्टर की कमाई से छह माह में लखपति बन गई नौकरानी, सामने आई हैरान कर देने वाली सच्चाई

Show More
धीरेंद्र यादव
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned