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‘मुसलमानों को सही दिशा दिखाने के लिए ऑल इण्डिया शरिया बोर्ड का होगा गठन’

डॉ जसीम मोहम्मद ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भारतीय मुसलमानों की एक मात्र घार्मिक संस्था है।
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अलीगढ़

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Amit Sharma

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Updated: 14 May 2018, 5:25 PM IST

Sri Sri Ravi Shankar

अलीगढ़।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व मीडिया सलाहकार डॉ जसीम मोहम्मद ने आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से उनके नई दिल्ली स्थित निवास स्थान पर शिष्टाचार भेंट की तथा इस बात में अपनी सहमति दी कि बाबारी मस्जिद विध्वंस अब केवल एक राजनीतिक मुद्दा है और रामजन्म भूमि बाबरी मस्जिद विवाद को कोर्ट के बाहर हल किया जाए। इस सम्बन्ध में डॉ जसीम मोहम्मद ने कहा कि उन्होंने श्री श्री रविशंकर से एक शिष्टाचार भेंट की तथा बाबरी मस्जिद विवाद पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि श्री श्री रवि शंकर से रामजन्म भूमि बाबरी मस्जिद विवाद को कोर्ट के बाहर हल करने को लेकर चर्चा हुई।उन्होंने कहा बाबरी मस्जिद विध्वंस भारतीय इतिहास की एक दुखद घटना है परन्तु अब यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा है और इसका हल कोर्ट के बाहर करके आपसी विश्वास और प्रेम कायम किया जाना चाहिए। डॉ जसीम मोहम्मद ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भारतीय मुसलमानों की एक मात्र घार्मिक संस्था है।

हो रही राजनीतिक साजिश

उन्होंने कहा कि यह तथ्य है कि तीन तलाक पर मुस्लिम पर्सनल बोर्ड एक आम सहमति बनाने मे विफल रहा, तथा बोर्ड वास्तव में पढ़े लिखे लोगों को शामिल करने में हिचक महसूस करता है , बोर्ड की अपनी गरिमा है और भारतीय मुसलमान उसका सम्मान करते हैं। आज मुस्लिम लॉ बोर्ड एक राजनीतिक साजिश का शिकार है और केवल कुछ राजनीतिज्ञों तथा दलों का प्लेटफार्म बन कर रह गया है।

आल इण्डिया शरिया बोर्ड फेल

डॉ जसीम मोहम्मद ने कहा कि चूंकि मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड भारतीय मुसलमानों के हित सुरक्षित रखने में विफल रहा है और केवल राजनीतिक अखाड़ा बन गया गया इसलिए अब मुस्लिम बुद्धिजीवी अन्य इस्लामी विद्वानों के साथ आल इण्डिया शरिया बोर्ड का गठन करेंगे ताकि भारतीय मुसलमानों को इस्लाम के अनुसार सही दिशा प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित शरिया बोर्ड को राजनीति और राजनीतिज्ञों से दूर रखा जायेगा। डॉ जसीम मोहम्मद ने आशा व्यक्त की कि मुसलमान श्री श्री रविशंकर के कोर्ट के बाहर रामजन्म भूमि बाबरी मस्जिद विवाद को हल करने पर सोचें तथा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुसलानों का धार्मिक नेतृत्व न करे। डा जसीम मोहम्मद ने श्री श्री रविशंकर को सर सैयद का स्मृति चिन्ह भेंट स्वरूप दिया। डा जसीम मोहम्मद के साथ दिल्ली की समाजसेविका शबीना खान भी मौजूद थीं।