कोरोना वायरस की महामारी में कई लोगों ने मजबूरी में बदल लिया धंधा

पान व्यवसायी बेच रहे महिला सौंदर्य का सामान तो हाट-बाजार करने वाले बेच रहे आलू प्याज और फल

By: kashiram jatav

Published: 22 May 2020, 11:53 PM IST

आलीराजपुर. कोरोना संक्रमण के चलते जहां एक और आम लोगों में दहशत का माहौल हैद्ध वहीं इस संक्रमण ने कई लोंगों की रोजी रोटी छिनने का काम किया है तो कई लोगों को अपना व्यवसाय बदलने पर मजबूर कर दिया है।

संक्रमण के कारण आम मध्यम वर्ग परिवार एवं रोजाना कमाकर खाने वालों पर जबरजस्त मार पड़ी है। ऐसे कई उदाहरण देखने को मिल रहे है जिसमें संक्रमण के बाद आम लोगों को गंभीर परिस्थितियों का सामाना करते हुए अपने जीवन मरण की लड़ाई लडऩा पड़ रही है। जिन परिवारो में नोकरी पेशा लोग है वे तो अपना जीवन यापन अच्छी तरह से कर रहे हैं। क्योंकि उन्हें नियत तारीख पर सरकार की और से वेतन प्राप्त हो जाता है। साथ ही व्यापार एवं उघोग धंधे मे लगे बड़े व्यवसायियों पर भी कोरोना संक्रमण का कोई खास असर नहीं पड़ा। सिर्फ देखा जाए तो इस सीजन का उनका टर्नओवर ही गड़बड़ाया है। जबकि कोरोना संक्रमण ने मध्यम वर्ग एवं उससे नीचे की रेखा में जीवन यापन करने वाले आम लोगों का जीवन चक्र ही गड़बड़ा दिया है। इसलिए अब ऐसे परिवार के लोग भगवान से आस लगाकर बैठे है कि शीघ्र ही स्थितियां ठीक हो और वे पूर्व की भाति अपना जीवन यापन करने लगे।

पान व्यवसायियों ने बदला व्यवसाय
कोरोना संक्रमण के चलते सरकार द्वारा पान एवं गुटके के व्यवसाय पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके चलते पान खाने के शौकिन लोगों को पान के स्वाद से मरहूम रहना पड़ रहा है। वहीं कम उम्र से लेकर अधिक उम्र के तंबाकु और गुटका व पाउच प्रेमी भी ढंूढ ढूंढकर बड़ी मुश्किल से जुगाड़ करते हुए अपनी व्यवस्था में लगे है। अधिकतर पान व्यवसाय की दुकानें नगर में बंद हैं। फिर भी कुछ दुकानदार अपने घरों से गुटखा व तंबाकु का विक्रय कर रहे हैं पर यह संख्या बहुत ही कम है। नगर के नीम चौक स्थित पान दुकानों पर उस समय विचित्र स्थिति देखने को मिली जब पीढिय़ों से पान का व्यवसाय करने वाले मदन मालवी एवं रविन्द्र मालवी ने अपनी पान की दुकान बंद होने पर वैकल्पिक व्यवसाय के तौर पर उक्त दुकान में महिला सौंदर्य प्रशाधन की सामग्री विक्रय करना प्रारंभ कर दी है। उनका कहना है कि परिवार पालने के लिए कुछ तो करना होगा इसलिए वे लोग यह व्यवसाय कर रहे हैं।

हाट बाजार करने वालों ने भी बदला व्यवसाय
जिले में प्रत्येक दिन ग्रामीण क्षेत्र में एक निर्धारित दिवस पर हाट बाजार लगता है। इसके चलते हाट बाजार में जाने वाले व्यवसायियों का गुजर बसर अच्छे से हो जाता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद सभी साप्ताहिक हाट बंद पड़े हैं। इसके चलते इन बाजारों में अपनी सामग्री का विक्रय करने वाले व्यवसायी घर बैठने पर मजबूर हैं। वहीं कई लोगों के द्वारा हाट बंद होने के चलते अपना व्यवसाय में परिवर्तन कर लिया गया है। राम मंदिर के बैरागी परिवार द्वारा वर्षो से हाट बाजार किया जाता रहा है लेकिन अब व्यवस्था परिवर्तन के बाद उनके द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत व्यवसाय परिवर्तन करते हुए सब्जी एवं फल का विक्रय किया जा रहा है।

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