
allahabad High court
इलाहाबाद. उन्नाव गैंगरेप मामले में हाईकोर्ट ने यूपी सरकार के जवाब से नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने पूरे मामले पर दिन भर सुनवाई की और शुक्रवार दोपहर दो बजे तक फैसला सुरक्षित रख लिया। हाईकोर्ट ने आरोपी विधायक की गिरफ्तारी नहीं होने पर भी राज्य सरकार से जवाब मांगा।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी.बी. भोसले तथा न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खण्डपीठ में मामले की सुनवाई पूरी हुई। सरकार ने मामले में हाईकोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा जिसमें कहा कि विधायक के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
बता दें कि बुधवार को देर रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस रेप केस और पीड़िता के पिता की मौत की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
गुरूवार को दिन भर मामले पर हुई बहस:
-12 बजे हाईकोर्ट में उन्नाव गैंगरेप केस की सुनवाई शुरू हुई।
-राज्य सरकार ने बताया कि नए एफआईआर की जांच सीबीआई को सौंपने की संस्तुति कर दी गई है।
-हाईकोर्ट ने कहा, कोर्ट ने कहा 4 जून 2017 को विधायक पर रेप का आरोप लगा, मुकदमा एसआईटी की रिपोर्ट पर 11 अप्रैल 18 को दर्ज किया गया। तीन लोगों की गिरफ्तारी कर ली गई, लेकिन विधायक गंभीर आरोप होने के बावजूद चार्जशीट दाखिल हुई।
-एसआईटी अधिकारी ने कोर्ट को बताया हम गिरफ्तारी करेंगे।
-महाधिवक्ता ने कहा क़ानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होगी।
-महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया, 20 जून 2017 को माँ ने दर्ज कराई थी एफआईआर, बहला फुसला कर 3 लोगों पर भगा ले जाने का लगाया था आरोप, तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई। आरोपी बृजेश यादव, अवधेश तिवारी और शिवम जमानत पर हैं।
-महाधिवक्ता ने बताया कि 17 अगस्त 2017 को लड़की ने पहली बार विधायक के खिलाफ मुख्यमंत्री से शिकायत की थी, युवती ने आरोप लगाया कि 4 जून को रेप हुआ था।
ये जवाब आया सरकार का
कहा विधायक के खिलाफ नहीं पर्याप्त साक्ष्य,
-पर्याप्त साक्ष्य होने पर होगी कार्रवाई
-महाधिवक्ता ने कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने की कही बात, कहा कानून के मुताबिक अब तक हुई कार्रवाई,
कोर्ट ने सरकार के जवाब पर जतायी नाराजगी है। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि सभी मामलों में पुलिस पहले जुटाती है साक्ष्य, फिर इस मामले में लापरवाही क्यों हुई।
BY- Court Corrospondence
Updated on:
12 Apr 2018 04:43 pm
Published on:
12 Apr 2018 04:02 pm
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