अब 444 साल पुराने 'प्रयागराज' के नाम से जाना जाएगा इलाहाबाद, कैबिनेट ने लगाई मुहर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय इलाहाबाद के दौरे के दौरान इलाहाबाद का नाम प्रयागराज रखने की घोषणा कर दी थी

By: sarveshwari Mishra

Published: 16 Oct 2018, 02:04 PM IST

इलाहाबाद. अब इलाहाबाद को 444 साल पुराने नाम 'प्रयागराज' के नाम से जाना जाएगा। यूपी के कैबिनेट बैठक में इस नए नाम पर मुहर लग गई है और पिछले कई दिन से चल रही चर्चाओं पर भी विराम लग गया। राज्यपाल महोदय ने भी इस पर अपनी सहमति दी है।


गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय इलाहाबाद के दौरे के दौरान इलाहाबाद का नाम प्रयागराज रखने की घोषणा कर दी थी। जिसे आज यूपी कैबिनेट में मंजूर कर लिया और इलाहाबाद को सैकड़ों बरस बाद फिर उसका नाम प्रयागराज दिया गया । हालांकि लोगों को इसके पीछे कहीं न कहीं राजनीतिक मुद्दा नजर आ रहा है। बतादें कि मोदी राज में नाम बदलने का खेल जारी है। 2014 में केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के बाद मोदी सरकार ने कई जगहों और योजनाओं के नाम बदल दिए हैं ।


इससे पहले बदला था मुगलसराय का नाम
इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुगलसराय स्टेशन का नाम बदला था। जिसकी कवायद पिछले साल से ही शुरू हो गई थी। बतादें कि मोदी राज में भी नाम बदलने का खेल जारी है। 2014 में केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के बाद मोदी सरकार ने कई जगहों और योजनाओं के नाम बदल दिए हैं ।

इसलिए इलाहाबाद का नाम पड़ा था प्रयागराज
जंगल जाते वक्त भगवान श्री राम प्रयाग में भारद्वाज ऋषि के आश्रम पर होते हुए गए थे। जब श्री राम पहुंचे तो प्रयागराज का वर्णन हुआ। मत्स्य पुराण में भी इसका वर्णन है। उसमें लिखा गया है कि प्रयाग प्रजापति का क्षेत्र है जहां गंगा और यमुना बहती है। इसलिए उसका नाम प्रयागराज पड़ा था। रामचरित मानस में भी इस शहर को प्रयागराज कहा गया है।

sarveshwari Mishra
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned