इंडोनेशिया और थाईलैंड के 16 जमातियों को हाईकोर्ट ने दी जमानत

कोरोना संक्रमण फैलाने, ठहरने की जानकारियां छिपाने और वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में किये गए थे गिरफ्तार।

प्रयागराज. कोरोना संक्रमण फैलाने, अपने ठहरने की जानकारियां छिपाने और वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए तब्लीगी जमात से जुड़े 16 विदेशियों को भी इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली हैं कोर्ट ने उन सभी की जमानत मंजूर करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया है। कोरोना महामारी के चलते जिला अदालतों के बंद रहने के कारण इंडोनेशिया के 7 और थाईलैंड के 9 जमातियों को सीधे हाईकोर्ट ने जमानत दी है। इन विदेशी जमातियों की बेल एप्लिकेशन पर सुनवाई करते हुए जस्टिस श्याम शमशेरी ने उनकी जमानत मंजूर करते हुए उन्हों रिहा कर दिया। जमातियों की ओर से उनके वकील सैय्यद अहमद नसीम और मो. खालिद ने पक्ष रखा।

 

दिल्ली स्थित तब्लीगी जमात के मरकज़ (केन्द्र) से लौटी दो अलग-अलग जमातों के जमातियों पर प्रयागराज में ठहरने की जानकारी छिपाने और वीजा नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। इस मामले में दो अलग-अलग एफआइर्आर थाना शाहगंज और थाना करेली में दर्ज की गई। शाहगंज थाने में सात इंडोनेशियाई जमातियों सहित 17 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर हुआ।

 

बाद में इसमें इलाहाबाद युनिवर्सिटी के पाॅलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट के प्रोफेसर मो. शाहिद को भी 120 बी के तहत आरोपी बनाया गया। करेली थाने में हेरा मस्जिद में ठहरे थाईलैंड के नौ जमातियों और मस्जिद के इमाम के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इन लोगों को पहले करेली स्थित महबूबा पैलेस में क्वारंटीन करने के बाद 21 अप्रैल को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया।

 

केरल व पश्चिम बंगाल के दो अनुवादकों और तब्लीगी जमात से जुड़े सात इंडोनेशियाई लोगों को अब्दुल्लाह मस्जिद में छिपाने के लिये नौ लोगों को जिम्मेदार बताया गया था। बता दें कि एक ईमाम और दो अनुवादकों को जिला अदालत पहले ही जमानत दे चुकी हैं। इसके अलावा अब्दुल्लाह मस्जिद के संरक्षण देने वाले 11 लोगों की जमानत भी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से मंजूर हो चुकी है।

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रफतउद्दीन फरीद
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