मृतक आश्रित को योग्यता हासिल करने के लिए एक साल का समय नहीं देना गलत: हाईकोर्ट

दिया निर्देश, आश्रित को मांगे गये पद पर दी जाये नियुक्ति

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि मृतक कर्मचारी के आश्रित को मांगे गये पद पर नियुक्ति नहीं दी जाती तो ऐसा करने का कारण बताना होगा। कोर्ट ने कहा है कि आश्रित तृतीय श्रेणी पद पर नियुक्ति योग्यता रखता है तो उसे टाइपिंग स्पीड के लिए एक वर्ष का समय दिया जायेगा। टाइपिंग टेस्ट में सफल न होने के कारण उसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में बिना समय दिये नियुक्त किया जाना सही नही है।

कोर्ट ने तृतीय श्रेणी पद पर नियुक्ति से इंकार करने के आदेश को रद्द कर दिया है और तीन माह में नये सिरे से निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने अलीगढ के विपिन कुमार उपाध्याय की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याची का कहना था कि याची के पिता ट्यूब बेल ऑपरेटर थे,जिनकी 8अगस्त 2008 को मौत हो गयी थी।

याची ने मृतक आश्रित कोटे में तृतीय श्रेणी पद पर नियुक्ति का आवेदन दिया था। तीन बार टाइप टेस्ट के बाद उसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नियुक्ति दी गयी। याची ने तृतीय श्रेणी पद पर नियुक्ति की मांग की जिसे अस्वीकार कर दिया गया। जिसे याचिका में चुनौती दी गयी थी। कोर्ट ने कहा कि नियमावली में ऐसे मामले में एक साल में योग्यता हासिल करने का अवसर दिया जाना चाहिए।

BY- Court Corrospondence

Akhilesh Tripathi
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