वीर चौक होपसर्कस के रेडिमेड कपड़ों के व्यवसायी में 20 दिन पहले ही कोरोना के लक्षण मिलते ही तत्काल परिजन उसे जयपुर ले गए, जहां एक प्राइवेट अस्पताल में उस पर लाखों रुपए खर्च हुए। मरीज को अस्पताल में क्या खिलाया गया और उसकी कैसे देखभाल की गई जिसको किसी परिजन को नहीं दिखाया गया। यही तक कि परिवार के किसी भी सदस्य को मिलने की बात तो दूर, उन्हें अस्पताल के पास भी रुकने नहीं दिया।