धर्मेन्द्र अदलक्खा
अलवर.अलवर यूआईटी के कारनामों से सब वाफिक हैं। यूआईटी के 47 कर्मचारियों और अधिकारियों ने मिली-भगत कर शहर की पुरानी और मौके की कॉलोनियों में बेशकीमती प्लॉट अपने नाम आवंटन करा लिए। यह मामला राज्य स्तर पर चर्चित हुआ और विधानसभा में भी उठा लेकिन अभी तक प्रशासन ने इस आवंटन प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया है। हाल यह है कि यूआईटी के दो अभियंताओं की मौके के प्लॉट पर नजर थी जिसे पिछले छह माह से नीलामी से बचाए रखा। यही नहीं दो प्लॉटों के साइज की कम बता दिए जो इनको नियमानुसार आवंटित ही नहीं हो सकते थे। अलवर यूआईटी में एक पखवाड़ा पहले 8 सितम्बर को प्लॉट आवंटन के लिए लाटरी तक निकाल ली। इस मामले को पूरी तरह गोपनीय रखा गया।