
सभापति बीना गुप्ता कोर्ट में पेश होने से पहले बोली ‘नो-टेंशन’, जज ने जेल भेजा तो तबीयत बिगड़ी
अलवर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वत मामले में गिरफ्तार अलवर नगर परिषद सभापति बीना गुप्ता और उसके बेटे कुलदीप गुप्ता को मंगलवार को विशिष्ट न्यायालय (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) में पेश किया। कोर्ट में पेश होने से पहले सभापति बीना गुप्ता बोली कि ‘नो टेंशन’, लेकिन न्यायालय ने जैसे ही जेल भेजने के आदेश दिए तो बाहर आते ही सभापति की तबीयत बिगड़ गई। तबीयत सामान्य होने के बाद सभापति और उसके बेटे को जेल दाखिल करा दिया गया।
एसीबी की टीम सभापति बीना गुप्ता और उसके बेटे कुलदीप गुप्ता को मंगलवार दोपहर करीब ढाई कोर्ट लेकर पहुंची। एसीबी टीम सभापति और उसके बेटे को गाड़ी से उतारकर कोर्ट की तरफ बढ़ी तो उन्हें देखने के लिए कोर्ट परिसर में लोगों की भीड़ लग गई। मीडियाकर्मी और वकीलों को देखकर सभापति बोली कि ‘नो-टेंशन’ राजनीतिक मसला है चलता रहता है। इसके तुरंत बाद ही एसीबी टीम ने सभापति और उसके बेटे को विशिष्ट न्यायालय (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की न्यायाधीश शिवानी सिंह के समक्ष पेश किया। न्यायाधीश ने रिश्वत की आरोपी सभापति बीना गुप्ता और उसके बेटे कुलदीप गुप्ता को 15 दिन के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। न्यायालय के आदेश सुनने के बाद सभापति का चेहरा उतर गया और तबीयत बिगड़ गई। सभापति घबराहट और चक्कर आने पर कोर्ट चैम्बर के बाहर रखी वकीलों की कुर्सी पर बैठ गई और उल्टियां करने लगी। एसीबी और पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें पानी पिलाया और कुछ देर वहीं बैठाकर रखा। करीब 10-15 मिनट बाद तबीयत सामान्य होने पर एसीबी टीम उन्हें लेकर कोर्ट से रवाना हो गई। इसके बाद सभापति बीना गुप्ता और उसके बेटे कुलदीप गुप्ता को अलवर सेंट्रल जेल में दाखिल करा दिया।
जज ने नाम पूछा और मास्क उतरवाया : जानकारी के अनुसार एसीबी टीम ने सभापति बीना गुप्ता और उसके बेटे को एसीबी कोर्ट में पेश किया। इस दौरान न्यायाधीश ने सभापति से उनका नाम पूछा और मास्क उतरवाया। फिर एसीबी के अधिकारी से पूछा जेसी या पीसी। एसीबी के अधिकारी ने जेसी के लिए कहा। इसके बाद न्यायाधीश ने सभापति और उसके बेटे को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए।
कोर्ट परिसर में लगी भीड़ : रिश्वत मामले में गिरफ्तार सभापति बीना गुप्ता और उसके बेटे कुलदीप को जब कोर्ट में पेश किया गया तो उन्हें देखने के लिए वकीलों और अन्य लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई। सभापति को कोर्ट से वापस ले जाने तक लोगों की भीड़ वहीं जमी रही।यह था मामला
अलवर और जयपुर एसीबी की संयुक्त टीम ने सोमवार को अलवर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नगर परिषद सभापति बीना गुप्ता और उसके पुत्र कुलदीप गुप्ता को उनके घर से 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। सभापति ने यह रिश्वत राशि नगर परिषद की दुकानों की नीलामी की बोली लगाने वाले मोहनलाल सोमवंशी से उसके भुगतान के बिल पास करने की एवज में ली थी।
पहले बेफिक्र, बाद में चेहरे पर दिखा तनाव
एसीबी और पुलिस की टीम दोपहर करीब ढाई बजे सभापति बीना गुप्ता और उसके बेटे को कोर्ट में लेकर आए। कोर्ट में आते समय सभापति बिल्कुल बेफिक्र नजर आई। एसीबी की गाड़ी से वह खुद उतरकर कोर्ट रूम की तरफ आगे बढ़ी तथा कुछ लोगों से नमस्कार भी किया। महिला पुलिस उनके दोनों तरफ चल रही थी, लेकिन किसी ने उन्हें पकड़ा हुआ नहीं था, लेकिन कोर्ट से जेल भेजने के आदेश के बाद सभापति के चेहरे पर काफी तनाव दिखा। महिला पुलिसकर्मी सभापति को पकडकऱ गाड़ी तक लेकर गई।
न्यायिक अभिरक्षा में भेजा
घूस लेते गिरफ्तार अलवर नगर परिषद सभापति बीना गुप्ता और उनके बेटे कुलदीप गुप्ता को मंगलवार को एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय ने दोनों को 7 दिसम्बर तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। इसके बाद दोनों को अलवर सेंट्रल जेल में दाखिल करा दिया गया।
- विजय सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी, अलवर।
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Updated on:
24 Nov 2021, 2:17 AM IST
Published on:
24 Nov 2021, 2:17 AM IST
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