scriptअलवर में कोरोना का कहर, पिछले तीन दिनों में कोरोना के दो मरीज मिले, 1 की मौत, हजारों होम आइसोलेशन में गए | Coronavirus One Death And One Positive In Alwar District | Patrika News
अलवर

अलवर में कोरोना का कहर, पिछले तीन दिनों में कोरोना के दो मरीज मिले, 1 की मौत, हजारों होम आइसोलेशन में गए

अलवर में कोरोना वायरस पैर पसार रहा है, कोरोना से जिले में बुजुर्ग की मौत भी हो चुकी है

अलवरApr 03, 2020 / 12:04 pm

Lubhavan

Coronavirus One Death And One Positive In Alwar District

अलवर में कोरोना का कहर, पिछले तीन दिनों में कोरोना के दो मरीज मिले, 1 की मौत, हजारों होम आइसोलेशन में गए

अलवर. जिले में पिछले तीन दिन में दो कोरोना पॉजीटिव मरीज मिलना बड़े खतरे के संकेत हैं। कठूमर निवासी बुजुर्ग का जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान 1 अप्रेल की रात को ही पता चला कि उसकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट मिली है और अगले दिन ही दम तोड़ दिया। हालांकि चिकित्सक उसकी मृत्यु को दूसरी बीमारियों को कारण मानते हैं लेकिन, कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट का मतलब मौत का कारण कोरोना है। इन दो मरीजों के कारण अब न जाने कितने पड़ौसी, रिश्तेदार व ग्रामीणों को आइसोलेशन में जाना होगा। कुछ नहीं कहा जा सकता। यह तय है कि बड़ी संख्या में लोगों के सामने मुश्किल आ गई है।
पूरे गांव होम आइसोलशन में

प्रारंभिक तौर पर कठूमर निवासी वृद्ध व्यक्ति की मृत्यु से पहले उसमें कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हो चुकी है। जिसके आधार पर नंगला माधेपुर पूरे गांव को होम आइसोलेशन में कर दिया है। मतलब कोई भी ग्रामीण गांव से बाहर नहीं जा सकेगा। इस परिवार के सम्पर्क में आए लोगों को आइसोलेशन में भी भेजा जाएगा। अभी तक प्रशासन बुजुर्ग की ट्रेवल हिस्ट्री को खंगालने में लगा है। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बुजुर्ग मार्च में करीब तीन बार जयपुर गया है। उसे यह संक्रमण अस्पताल में हुआ या कहीं बाहर। इसकी पड़ताल के आधार पर ही अन्य लोगों को आसोलेशनमें भेजा जाने लगा है। लेकिन, यह तय कि कठूमर से जयपुर तक काफी लोग इस वायरस से प्रभावित हो सकते हैं।
बहरोड़ के मिलकपुर में राहत

बहरोड़ के गांव मिलकपुर में फिलिपिंस से आए छात्र के अधिकतर परिवार की नेगेटिव रिपोर्ट आने से आसपास के कई गांवों के हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है। यहां ग्रामीण पहले कहते रहे कि छात्र की मां ने सर्वे किया है। लेकिन, चिकित्सकों की जांच में पता चला कि नर्सिंगकर्मी महिला ने बेटे के आने के बाद सर्वे का कार्य नहीं किया। केवल कार्यालय में जरूर आना-जाना रहा है। इसके अलाव छात्र भी गांव में अधिक नहीं घूमा है। तभी तो दूसरे लोग संक्रमित होने से बचे हैं। जिसके कारण सबकी नेगेटिव रिपोर्ट मिली हैं। हालांकि अभी इस छात्र के परिवार सहित आसपास के करीब 15 लोगों को होम आइसोलेशन में रखा है। कुछ की सैंपल जांच हो चुकी है।
बचाव यही कि घरों में रहें

इस वायरस के संक्रमण से बचाव का एक ही तरीका है कि घर की दहलीज पार नही ंकरें। तभी आप पूरी तरह सुरिक्षत हैं। यदि दिन में एक बार भी घर से बाहर निकलते हैं तो वायरस से संक्रमित होने का पूरा डर है। कई तरह की रिपोर्ट सामने आ रही हैं। जिससे यह पता लगता है कि संक्रमण किसी भी रूप में हो सकता है। कोई भी संक्रमित व्यक्ति आसपास से गुजरा हो। जिसकी छींक व खांसी से वायरस हवा में भी हो सकते हैं। इसलिए घर सेनहीं निकलना ही सबसे बड़ा बचाव है।
loksabha entry point

ट्रेंडिंग वीडियो