अलवर जिले में बाजरे की बुवाई का लक्ष्य 3 लाख हैक्टेयर है। इस बार किसानों का पूरा रुझान सरसों की बुवाई की तरफ है। इसके चलते किसान सरसों की बुवाई वाले खेतों को खुला रखता है जिसमें पहले किसी फसल की बुवाई नहीं की जाती।
कृषि विभाग के सहायक निदेशक के.एल. मीणा बताते हैं कि मई में आई तेज बरसात से बाजरे की बुवाई तो हुई है लेकिन यह अभी तक इसकी बुवाई मात्र 70 हजार हैक्टेयर में ही हुई है। किसानों को बरसात का इंतजार है जिसके बाद इसकी बुवाई बढ़ सकती है। इस बार सरसों के भाव अच्छे मिलने से किसान उत्साहित है। इसके चलते सरसों इस बार भी अधिक एरिया में बोई जाएगी।