एनसीआर पर है शातिर अपराधियों की नजर, विकास के साथ बढ़ा क्राइम, आंकड़े दे रहे गवाही

एनसीआर पर है शातिर अपराधियों की नजर, विकास के साथ बढ़ा क्राइम, आंकड़े दे रहे गवाही

Rajeev Goyal | Publish: Feb, 16 2018 06:00:00 AM (IST) Alwar, Rajasthan, India

एनसीआर एरिया में अब क्राइम बढ़ता जा रहा है, अब यह एरिया अपराधियों की नजर पर है।

अलवर. शातिर अपराधियों की नजर अब एनसीआर क्षेत्र पर है। यहां विकास के साथ क्राइम भी बढ़ा है। यह हम नहीं एनसीआर क्षेत्र के आपराधिक आंकड़े बयां कर रहे हैं। एनसीआर में शामिल दिल्ली सबसे असुरक्षित क्षेत्र है। यहां प्रति घंटे 25 आपराधिक मामले होते हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार पूरे देश में जितने आपराधिक मामले दर्ज होते हैं, उनके 39 प्रतिशत मामले अकेले दिल्ली में दर्ज होते हैं। एनसीआर में शामिल अलवर भी अब इस दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। यहां भी शातिर अपराधियों की घुसपैठ शुरू हो गई है। दरअसल, अलवर की सीमा हरियाणा व उत्तर प्रदेश से सटी हुई हैं। इसके चलते यहां शातिर अपराधियों की आवाजाही लगी रहती है। इसका ताजा उदाहरण नीमराणा में ज्वैलर से लूट है। इस लूट में हरियाणा की हरिया गैंग का हाथ था। इससे पहले भी हरियाणा के कई शातिर अपराधी यहां पकड़े जा चुके हैं। इनमें कुलदीप उर्फ डॉक्टर, अरुण गुर्जर आदि शामिल हैं। बढ़ते अपराधों से एनसीआर में शामिल नीमराना, बहरोड़, भिवाड़ी आदि भी असुरक्षित क्षेत्रों की जमात में शामिल होते जा रहे हैं।

औद्योगिक विकास के साथ बढ़ा क्राइम

अलवर के नीमराना, बहरोड़, भिवाड़ी, तिजारा में औद्योगिक विकास के साथ अपराध भी बढ़ा है। दरअसल, इस क्षेत्र के दिल्ली के नजदीक होने से उद्योगपतियों की नजर भी इस क्षेत्र पर है। इससे यहां जमीनों के दाम बढऩे से जमीनी विवादों में भी इजाफा हुआ है। पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल जनवरी माह में ही इस क्षेत्र में 5 हत्याएं हो चुकी हैं। वहीं, हत्या के प्रयास के भी तीन मामले विभिन्न थानों में दर्ज हुए हैंं। पिछले साल भी बहरोड़ वृत्त में 25 तथा भिवाड़ी वृत्त में 20 हत्याएं हुई। यानि इन क्षेत्रों में हर 15 दिन में एक जने की हत्या हुई। इस दौरान लूट के मामले भी सबसे ज्यादा बहरोड़ व भिवाड़ी वृत्त में दर्ज हुए।

बहरोड़-भिवाडी पर भी चोरों की नजर

हार्डकोर अपराधियों के साथ-साथ चोरों की नजर भी अब बहरोड़, भिवाड़ी पर है। वैसे तो जिले में सबसे ज्यादा चाोरियां अलवर कोतवाली क्षेत्र में होती हैं, लेकिन अब बहरोड़ व भिवाड़ी भी चोरों के पसंदीदा प्लेस बनते जा रहे हैं। कोतवाली के बाद सबसे ज्यादा चोरियां भिवाड़ी में हुई हैं। इसका कारण भी बढ़ता औद्योगिक विकास है। दरअसल, भिवाड़ी में फैक्ट्रियों की अधिकता से नौकरीपेशा लोगों की भरमार है। ये लोग दिनभर अपने कामों में व्यस्थ रहते है और पीछे से चोर इनका सामान चुरा ले जाते हैं। पुलिस आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले साल भिवाड़ी वृत्त में 641 चोरियां हुई। वहीं, इस दौरान वृत्त अलवर शहर में 647 व बहरोड़ वृत्त में 402 चोरियां हुईं।

एनसीआर में शामिल अलवर में अपराध के बढऩे का कारण इसका हरियाणा सीमा से लगे होना है। अलवर में अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस नित नए प्रयोग करती है। नागरिकों की सुरक्षा के लिए जान की बाजी भी लगाती है। जनता के सहयोग एवं पड़ोसी राज्य के समन्वय से अलवर में अपराध पर अंकुश लगाना हमारी प्राथमिकता है।
राहुल प्रकाश, जिला पुलिस अधीक्षक अलवर।

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