राकेश टिकैत ने कहा- हल चलाने वाला अब हाथ नहीं जोड़ेगा, हम ही किसान हम ही जवान

राकेश टिकैत ने कहा कि अब अनाज तिजौरी में बंद नहीं होगा। ये भूख का व्यापार करने वाले लोग हैं। भूख पर रोटी की कीमत तय नही होने देंगे। रोटी को तिजोरी में बंद नहीं होने देंगे और ना ही रोटी को बाजार की वस्तु बनने देंगे।

By: Lubhavan

Published: 12 Feb 2021, 12:18 PM IST

अलवर/गढ़ीसवाईराम. भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गुरुवार को अलवर आए और झालाटाला (लक्ष्मणगढ़) में आयोजित किसान महापंचायत में शामिल हुए। इस दौरान टिकैत ने कृषि कानूनों का विरोध करते हुए कहा कि हल चलाने वाला अब हाथ नहीं जोड़ेगा। हम ही किसान है हम ही जवान है।

राकेश टिकैत ने कहा कि अब अनाज तिजौरी में बंद नहीं होगा। ये भूख का व्यापार करने वाले लोग हैं। भूख पर रोटी की कीमत तय नही होने देंगे। रोटी को तिजोरी में बंद नहीं होने देंगे और ना ही रोटी को बाजार की वस्तु बनने देंगे। जब तक पूरे देश में एमएसपी पर खरीद नहीं होगी तब तक ये आंदोलन जारी रहेगा।

टिकैत ने कहा कि केन्द्र सरकार ने सरदार भाईयों के हमारे साथ आने पर उन्हें आतंकवादी व खालीस्तानी बताया, लेकिन वो मेरे किसान भाई थे। इस आन्दोलन में देश प्रत्येक किसान है और ये किसान ही नहीं बल्कि दुकानदारों का भी आन्दोलन है। अगर ये आंदोलन सडक़ की पटरी पर गुजारा करने वाले साढ़े चार करोड़ ठेली-पटरी वालों का रोजगार खत्म हो जाएगा। दो रुपए का सिंदूर मिलना बंद हो जाएगा। ये लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक तीन बिल वापस नहीं होंगे और स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू नहीं होगी।

गुजरात बंधन में, आजाद कराना है

टिकैत ने कहा कि आज गुजरात में कलक्टर, एसपी व अन्य बड़े अधिकरियों के फोन नम्बर किसी के पास नहीं है। उनके नम्बरों को सार्वजनिक नहीं कर रखा है। गुजरात बंधन में है। गुजरात के व्यक्ति के दिल्ली जाने पर पुलिस घर पहुंच जाती है। गुजरात को आजाद कराना है। गुजरात का आवाम पूरी दुनिया से कटा है। हम वहां के लोगों से सम्पर्क में हैं और हम गुजरात जाएंगे। गुजरात में आगामी बैठक करेंगे।

शाहजहांपुर बॉर्डर पर आंदोलन को मजबूत बनाए रखें

टिकैत ने कहा कि अलवर जिले के किसान शाहजहांपुर बॉर्डर के आंदोलन को मजबूत बनाएं। ये आप सबकी जिम्मेदारी है। मैं आपको पूर्णरूप से जिम्मेदारी देता हूं। आप आन्दोलन के समर्थन में शाहजहांपुर जाएं।

पटरी पर फूल चढ़ाकर रोकेंगे रेल

अबकि बार 18 फरवरी को ऐतिहासिक जाम होगा। हम रेल की पटरियों पर फूल चढ़ाकर रेल रोकेंगे। हमें पुष्प चढ़ाकर चार घण्टे के लिए पूरे देश रेल का पहिया रोकना है, जो कि ऐतिहासिक होगा। हम बिना पटरिया उखाड़े रेल रोकेंगे।

एक घर से दस रोटी बनाकर दें

टिकैत ने कहा कि आन्दोलन में जाने वाले किसान भाईयों को आप दस रोटी बनाकर दे देना। ये किसान क्रांति है। अब हाथ नहीं जोडकऱ अपने हक की बात करेंगे। हमारे पंच भी वही रहेंगे मंच भी वही रहेगा। किसानों के फैसले किसान ही करेगा। किसानो के समर्थन में राजस्थान और पूरे देश ने विश्वास जताया है। वो अब कम नहीं होगा।

इस नारे से राजस्थान को याद करेंगे

टिकैत ने कहा कि उन्हें तो ये भी नहीं पता कि ये जिला कौनसा है और किस गांव में कार्यक्रम है। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि यहां पर आठ घण्टे की सभा होनी है। जिसमें गौरव टिकैत को आना है, लेकिन सुबह ऐनवक्त पर आप लोगो के प्यार ने मुझे यहां बुलाया। यहां हजारों की तादाद में किसान एकजुट देखकर उन्हें और मजबूती मिली। आज इस सभा स्थल से मैं नया नारा ‘हल चलाने वाला हाथ नही जोड़ेगा’ देकर जाऊंगा। जिसे आने वाले समय में इस सवाल के साथ पूछा जाएगा कि यह नारा किसने, कब और कहां दिया। तब दुनिया जानेगी कि राकेश टिकैत ने यह नारा किसान आन्दोलन के चलते राजस्थान के अलवर जिले के झालाटाला गांव की धरती पर दिया था।

करीब ढाई घंटे बाद आए टिकैत

ग्राम पंचायत झालाटाला में किले के पीछे स्थित पिछवाल में खेतों में किसान आंदोलन के समर्थन में आयोजित सभा में राकेश टिकैत को दोपहर दो बजे आना था, लेकिन वह करीब ढाई घंटे देरी से यहां पहुंचे। टिकैत को सुनने के लिए काफी संख्या में ग्रामीण पुरुष व महिलाओं की भीड़ जुटी रही। महापंचायत के दौरान काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

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