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राजस्थान के परिवार का हरियाणा में जबरन धर्म परिवर्तन कराया, जमात में ले गए और ख तना कराया, पुलिस ने नहीं की सुनवाई

अलवर जिले के दलित परिवार का धर्म परिवर्तन कराया गया। कोर्ट ने एफआइआर के आदेश दिए हैं।
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अलवर

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Lubhavan Joshi

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Updated: 28 Oct 2020, 3:58 PM IST

अलवर. जिले के बड़ौदामेव थाना क्षेत्र स्थित गांव भयाड़ी के एक परिवार का हरियाणा में जबरन धर्म परिवर्तन कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीडि़त ने इस सम्बन्ध में अलवर एससी/एसटी कोर्ट में इस्तगासा पेश किया। जिस पर मंगलवार को कोर्ट ने जिला पुलिस को एफआइआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

बड़ौदामेव के गांव भयाड़ी निवासी मेमचंद (28) पुत्र काडू जाटव ने अलवर एससी/एसटी कोर्ट में इस्तगासा पेश किया कि उसकी रिश्तेदारी गांव इब्राहिम का बास तहसील फिरोजपुर झिरका जिला नूंह-हरियाणा में है। इस कारण इब्राहिम का बास के लोगों और उसका अक्सर आना-जाना रहा है। इस कारण उसके इब्राहिम का बास के मेव समुदाय के लोगों से दोस्ताना सम्बन्ध बन गए। जिस पर इब्राहिम का बास निवासी सत्तार पुत्र श्योदान, तैयब पुत्र आमीन, शहजाद पुत्र नामालूम, रत्ती खां पुत्र जुहरु खां, महबूब पुत्र छुट्टा, हसन पुत्र इस्माइल, रसीद पुत्र इब्राहिम, हाकम पुत्र नसरु, शहिद पुत्र इब्राहिम, वहीद पुत्र आमीन, शब्बीर पुत्र इस्माइल, निज्जर पुत्र आसीन, शम्मी पुत्र अहमद, रजिया पत्नी मुबीन, सरुना पत्नी वहीद ने उसके परिवार को ग्राम इब्राहिम का बास बुलाया।

वहां उन्होंने कहा कि यदि वह हिंदू धर्म त्यागकर मुस्लिम धर्म को अपना ले तो वह उसे रहने को जमीन देंगे। धर्म परिवर्तन करने से मना करने पर इन लोगों ने उसकी पत्नी और बच्चों को बंधक बना लिया तथा धर्म परिवर्तन नहीं करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी। जिससे वह भयभीत हो गया और आरोपियों के कहे अनुसार 29 जनवरी 2018 को अपना धर्म परिवर्तन कर अपना नाम मोहम्मद अनस रख लिया।

आरोपियों ने धर्म परिवर्तन के सम्बन्ध में उससे एक घोषणा पत्र भी स्टाम्प पर तहरीर कराया। जिसे वकील एडवोकेट खलील अहमद एवं नोटेरी द्वारा तस्दीक किया गया। आरोपी रसीद पुत्र इब्राहिम ने एक हलफनामा उसके हक में भूखण्ड के दान के सम्बन्ध में 28 नवम्बर 2018 तहरीर व तकमील किया। ये लोग उसे जबरन जमात में ले गए और उसका ख तना करवाया।

उसे मुस्लिम धर्म व मान्यताओं के अनुसार जम्मू-कश्मीर मस्जिदों तक ले गए। इन लोगों ने उसे धमकी दी कि यदि भागने की कोशिश की या किसी को कुछ बताया तो उसके परिवार को मार देंगे। वह दान दिए भूखण्ड पर मकान बनाकर रहने लगा। ये लोग उसकी पत्नी के साथ सम्बन्ध बनाने के लिए दबाव बनाते। वह परिवार सहित इब्राहिम का बास से भागकर आ गया और जबरन कबूल कराए मुस्लिम धर्म को त्याग चुका है तथा आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चाहता है। उसका व उसके परिवार का जबरन धर्म परिवर्तन कराने के सम्बन्ध में बड़ौदामेव थाने में रिपोर्ट दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले में पीडि़त की ओर से पेश किए इस्तगासा पर एससी/एसटी कोर्ट अलवर के विशिष्ट न्यायाधीश बृजेश शर्मा ने जिला पुलिस को एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।