script भूखा बाघ रिहायशी इलाके में पहुंचा, ग्रामीणों में दहशत, विभाग का अलर्ट- खेतों की ओर ना जाएं | Sariska Tiger Reserve : Tiger reaches residential area of Rajasthan, creates panic among people | Patrika News

भूखा बाघ रिहायशी इलाके में पहुंचा, ग्रामीणों में दहशत, विभाग का अलर्ट- खेतों की ओर ना जाएं

locationअलवरPublished: Feb 04, 2024 03:22:49 pm

Submitted by:

Anant awdichya

शुक्रवार को भूखा बाघ मुंडावर के रिहायशी इलाके में पहुंच गया, जिसे अबतक पकड़ा नहीं जा सका है। बाघ ने पास के खेत में एक नीलगाय का भी शिकार किया है, जिससे आमजनों के बीच दहशत का माहौत पैदा हो गया है।

 

tiger_reaches_residential_area_of___rajasthan.jpg

Sariska Tiger Reserve : सरिस्का से निकला बाघ कभी हरियाणा व साबी नदी क्षेत्र में विचरण कर रहा है। शुक्रवार को मुंडावर के रायपुर गांव में इसकी लोकेशन मिली थी। आए दिन लोकेशन बदलने से वन विभाग की टीम भी उसे ट्रेंकुलाइज नहीं कर पा रही है। क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से आमजन भयभीत है। बाघ शनिवार को ततारपुर के जंगल में आ गया। बाघ ने शनिवार को ततारपुर जंगल में एक नीलगाय को शिकार बना डाला। जिससे ग्रामीणों में खौप बना हुआ है। इसी खौप के चलते ततारपुर के समीपवर्ति ग्राम किशोरपुरा के सरपंच ने शनिवार को ग्रामीणों को जंगल एवं खेत में नहीं जाने का अलर्ट जारी कर दिया है।

सरपंच ने संबंधित अधिकारियों को किया सूचित

इधर ततारपुर सरपंच सहित गणमान्य लोगों ने प्रशासन से बाघ को पकड़वाने की मांग की है। उधर सरिस्का के अधिकारी शंकरसिंह शेखावत ने बताया कि बाघ की शनिवार को अलवर के ततारपुर के आसपास के जंगल में लोकेशन रही । इस जंगल में बाघ ने एक नीलगाय को भी शिकार बनाया है। हमारी कोशिश है कि सरिस्का बफर जोन अब दूर नहीं है। अंतत: बाघ को बफर जोन में जाना ही पड़ेगा। एक्सपर्ट ने बताया कि टाइगर कई दिन से भूखा था। इस कारण उसने रोजडे़ का शिकार किया है।

अक्सर रिहायशी इलाकों में पहुंचते हैं जंगली जानवर

गौरतलब है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों के आने की सूचना अक्सर आम लोगों को मिलती रहती है। लेकिन अब रिहायशी इलाके में बाघ जैसे खतरनाक जानवर के आने से लोगों में डर पैदा हो गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बाघ के लिए नई जगह की तलाश करना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी माना है कि संभव है कि वह कुछ दिनों बाद अपने जोन में वापस चले जाएं। हालांकि, तब तक वन विभाग की टीम को इसकी निगरानी करते रहना होगा।

ट्रेंडिंग वीडियो