
विशाल परिसर, दीवारों पर जटिल नक्काशी, बलुआ पत्थर के बने शाही हॉल और अंदर राजसी सजावट मेहरानगढ किले को देश का सबसे बेहतरीन किला बनाती है।

जसवंत थाड़ा महल को राजस्थान का ताजमहल कहा जाता है। इसके नक्काशीदार और सुंदर गुंबद दिनभर सूरज की रोशनी में चमचमाते रहते हैं।

मंडोर गार्डन एक धरोहर स्थल है जो ऐतिहासिक होने के साथ शहर की प्राकृतिक खूबसूरती को भी बढ़ाता है। पत्थर की बनी छत के कारण वास्तुकला का यह अदभुत नमूना लोगों को आकर्षित करता है।

जोधपुर शहर में ऊंचाई पर स्थित उम्मेद भवन पैलेस कला का एक अदभुत उदाहरण है। यह अभी भी शाही परिवार का निवास स्थान होने के साथ-साथ एक होटल भी है। इस सुनहरे पत्थरों से बने महल में 64 लग्ज़री कमरे और सुइट के साथ एक संग्रहालय भी है।

जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में शीश महल, जिसे जोधपुर के ग्लास पैलेस के रूप में जाना जाता है। छत पर लटके नीले, हरे, चांदी और सोने के आभूषणों के साथ-साथ भव्य यूरोपीय झूमर बाद में इस हॉल में जोड़े गए हैं।

जोधपुर में घंटा घर का निर्माण महाराजा सरदार सिंह ने लगभग 200 साल पहले बनवाया था। इस भव्य संरचना के आस-पास स्थानीय लोग रहते हैं।

खेजड़ला किला पुराने समय के शाही राजाओं और रानियों के शानदार महल के रूप में जाना जाता है। इसका निर्माण ग्रेनाइट पत्थर और लाल बलुआ पत्थर से किया गया है।