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Gold-Silver Price Record Broken: अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और डॉलर की कमजोरी के असर से सोने-चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। जोधपुर सर्राफा बाजार में चांदी 4 लाख रुपए किलो पार कर गई, वहीं सोना 1.86 लाख रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच गया।
इस तेजी से जहां ज्वैलरी व्यापार ठप है और हजारों कारीगर प्रभावित हैं, वहीं इसका असर अब शिक्षा जगत तक दिखने लगा है। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय को इस बार दीक्षांत समारोह के गोल्ड मेडल तैयार करवाने में पिछले साल की तुलना में करीब 3 लाख रुपए अधिक खर्च उठाना पड़ रहा है। महंगी धातुओं की मार अब घरों से लेकर विश्वविद्यालय तक महसूस की जा रही है।
अन्तरराष्ट्रीय हालात, डॉलर की कमजोरी सोने-चांदी के भावों पर असर डाल रही है। जोधपुर सर्राफा बाजार में सोने व चांदी के भाव नए शिखर को छू गए। चांदी ऐतिहासिक स्तर को पार करते 4 लाख रुपए प्रतिकिलो से भी ज्यादा हो गई है।
गुरुवार को जोधपुर सर्राफा बाजार में चांदी के भाव 402000 रुपए प्रतिकिलो रहे। चांदी में केवल गुरुवार के दिन 28700 रुपए की तेजी देख गई। जबकि सोने के भाव 186000 रुपए प्रति दस ग्राम हो गए, जो भी अपने नए शिखर पर पहुंचा। सोने-चांदी में आई इस तूफानी तेजी ने शादी-विवाह वाले घरों में लोगों के होश उड़ा दिए है।
वर्तमान में चांदी के भाव ही नही, बल्कि सोने की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। पीली धातु की चमक इतनी तेज हो गई है कि, लोगों को एक ग्राम सोना खरीदने के लिए भी सोचना पड़ रहा है। गुरुवार को सोने के भावों में प्रति दस ग्राम 15700 रुपए की तेजी दर्ज की गई, इससे सोना 186000 रुपए पहुंच गया।
दोनों कीमती धातुओं के भावों में तेजी की सुनामी आ गई है। इससे व्यापार ठप हो गया है और कारीगर खाली बैठे हैं। अनिश्चितता के माहौल में छोटे-बड़े व्यापारी हताश हैं। जो पुराने भाव में ऑर्डर लिए हैं, उन ज्वैलर्स को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सर्राफा व्यवसायियों व ज्वैलर्स का कहना है कि सोने-चांदी में इस तरह की तेजी अब देखने को मिली है। ऐेसे में सोने- चांदी में बड़ी गिरावट आने की उम्मीद कम लग रही है।
सोने-चांदी के इतिहास में यह सुनामी है, जो दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। ऐसे अनिश्चित माहौल में छोटे-बड़े कारीगर प्रभावित हो रहे है, उनको नुकसान हो रहा है।
-कमल सराफ, सर्राफा व्यवसायी
अन्तरराष्ट्रीय हालात ने सर्राफा व्यवसाय को चौपट कर दिया है। व्यापारियों के पास काम है, लेकिन रोज बढ़ रहे भावों के कारण घाटा सहन कर काम करना पड़ रहा है।
-नवीन सोनी, प्रदेशाध्यक्ष, इंडिया बुलियन एण्ड ज्वैलर्स एसोसिएशन
Updated on:
30 Jan 2026 07:24 am
Published on:
30 Jan 2026 07:24 am
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