
फाइल फोटो-पत्रिका
जयपुर। चांदी के लगातार बढ़ रहे दाम से एक्सपर्ट भी हैरान हैं। चांदी में निवेश करने वाले मौजूदा समय में चांदी काट रहे हैं। वहीं शादियों का सीजन होने के बाद भी ग्राहक दुकानों की तरफ फटक नहीं रहे हैं। ज्वेलर्स इन दिनों दुकानों पर रेट का समाचार देख रहे हैं। वहीं इस तरह से बढ़ रहे चांदी के दामों की वजह से कारखानों में काम नहीं जा रहा है। एक्सपर्ट इन स्थितियों को देखकर हैरान हैं।
जहां एक ओर जयपुर सहित प्रदेशभर में ज्वेलरी शोरूम सूने पड़े हैं और कारीगर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं, वहीं छोटे निवेशकों के चेहरे खिले हुए हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब लोग सिर्फ 10 रुपये से चांदी में निवेश कर रहे हैं और आंकड़ों के मुताबिक इस माध्यम से निवेश करने वालों को अब तक करीब 240 फीसदी तक का मुनाफा मिल चुका है। शुद्धता की गारंटी और मोबाइल से तुरंत खरीद-बिक्री की सुविधा ने आम आदमी को भी अमीर बनने का सपना दिखा दिया है।
वैश्विक वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा उछाल थमने वाला नहीं है। ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी और एलबीएमए (लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन) के ताजा सर्वे में संकेत दिए गए हैं कि साल के अंत तक चांदी 5 लाख से 6 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। जयपुर सर्राफ समिति बड़ी चौपड़ के मंत्री अश्विनी तिवारी बताते हैं कि चार दशक के कारोबार में उन्होंने कभी नहीं देखा कि चांदी इतनी तेजी से 50 डॉलर से सीधे 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाए। यह उछाल असाधारण ही नहीं, बल्कि चौंकाने वाला है।
पूरे देश के सर्राफा बाजारों में इन दिनों अफरा-तफरी का माहौल है। बीते मंगलवार को चांदी के दाम में एक ही दिन में 40,500 रुपये की छलांग लगी, तो बुधवार को फिर 15,000 रुपये की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई। पलक झपकते ही चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल गई। बाजार में ऐसा उछाल वर्षों में नहीं देखा गया।
विशेषज्ञ चार बड़े कारण गिना रहे हैं। पहला, चीन ने चांदी के निर्यात पर सख्ती करते हुए खनन में कटौती कर दी है। दूसरा, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों में चांदी की बढ़ती खपत ने मांग को कई गुना बढ़ा दिया है। तीसरा, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी मुद्राओं को सुरक्षित रखने के लिए भारी मात्रा में सोना-चांदी जमा कर रहे हैं। चौथा और सबसे बड़ा कारण डिजिटल निवेश है, जिसने आम लोगों को भी बाजार से जोड़ दिया है।
साल 2026 की शुरुआत ने कीमती धातुओं के बाजार में नया इतिहास लिख दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच चुकी है। इसका सीधा असर भारत पर पड़ा और एमसीएक्स पर चांदी 4,07,456 रुपये प्रति किलो पर खुली। एक ही सप्ताह में करीब 50 हजार रुपये की उछाल के साथ चांदी अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है।
Updated on:
13 Feb 2026 03:58 pm
Published on:
29 Jan 2026 05:25 pm
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