
एआई तस्वीर
Rajasthan CMHO Notice Case जोधपुर। सेहत के पहरेदार कहे जाने वाले अधिकारी ही सेहत के मंदिरों की हालत सुधारने में लापरवाही बरतते नजर आए। जिन संस्थाओं की स्थिति बेहतर करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग जरूरी थी, उनकी ओर ध्यान तक नहीं दिया गया। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए प्रदेश के 44 सीएमएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों की चिकित्सा संस्थाओं तथा शहरों में पीएचसी, सीएचसी और जिला अस्पताल स्तर तक के चिकित्सा ढांचे को व्यवस्थित करने के लिए ओडीके ऐप लॉन्च किया गया था। इस ऐप के माध्यम से हर चिकित्सा संस्थान को अपनी स्थिति की नियमित जानकारी ऑनलाइन अपडेट करनी होती है, ताकि स्वास्थ्य विभाग को वास्तविक स्थिति का पता चल सके और आवश्यक सुधार किए जा सकें। ऐप में चिकित्सा संस्थान से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज करना अनिवार्य है।
विभागीय समीक्षा में सामने आया कि पिछले कई दिनों से बड़ी संख्या में चिकित्सा संस्थानों ने ऐप में जानकारी अपडेट नहीं की। कई स्थानों पर लंबे समय से कोई डेटा अपलोड नहीं किया गया, जिससे विभागीय मॉनिटरिंग प्रभावित हो रही है। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए निदेशक, जन स्वास्थ्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं ने प्रदेश के 44 सीएमएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सा संस्थानों की स्थिति की नियमित जानकारी उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। ऐसे में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
Published on:
17 Mar 2026 06:00 am
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