पुलिस महानिदेशकों की नियुक्ति के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बचने के लिए हरियाणा और पंजाब ने पकडी अलग राह

पंजाब में पुलिस महानिदेशक का चयन करने वाले राज्य सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे और गृहमंत्री उपाध्यक्ष के रूप में रहेंगे...

By: Prateek

Published: 01 Sep 2018, 06:41 PM IST

(चंडीगढ): राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की नियुक्ति के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश से बचने के लिए हरियाणा और पंजाब अपनी अलग राह पकड रहे हैं। पंजाब की कांग्रेस सरकार ने हाल में विधानसभा में पुलिस एक्ट में संशोधन करते हुए पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के लिए आयोग के गठन का प्रावधान कर दिया है। उधर हरियाणा सरकार आगामी 30 सितम्बर को सेवानिवृत होने जा रहे अपने मौजूदा पुलिस महानिदेशक का कार्यकाल बढाने के विचार पर आगे बढना चाहती है।

महाराष्ट्र की राह पर चलने की तैयारी में हरियाणा

हरियाणा सरकार अपने मौजूदा पुलिस महानिदेशक बीएस संधू का कार्यकाल बढाने के लिए महाराष्ट्र की नजीर का इस्तेमाल करना चाहती है। महाराष्ट्र सरकार ने अपने मौजूदा पुलिस महानिदेशक का कार्यकाल तीन माह बढाने के प्रस्ताव पर केन्द्र की केबिनेट की नियुक्ति कमेटी से मंजूरी हासिल की है। हरियाणा सरकार भी इसी तरह के प्रस्ताव पर आगे बढना चाहती है। केबिनेट की नियुक्ति कमेटी ने महाराष्ट्र के मौजूदा पुलिस महानिदेशक का कार्यकाल तीन माह बढाने के लिए आल इंडिया सर्विस रूल्स की धारा 16-1 के प्रावधान में ढील दी है। महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक 31 अगस्त को सेवानिवृत हो रहे थे। हालांकि विधि विशेषज्ञों का कहना है कि केबिनेट की नियुक्ति कमेटी का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 3 जुलाई को ही आदेश पारित किया था कि राज्य पुलिस महानिदेशक के पद पर नियुक्ति के लिए मौजूदा पुलिस महानिदेशक की सेवानिवृति से तीन माह पहले तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल संघ लोक सेवा आयोग को भेजेंगे। यह पैनल सेवाकाल,सेवा रिकाॅर्ड और अनुभव के आधार पर बनाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश पुलिस सुधारों के मामले में पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की याचिका पर वर्ष 2006 में दिए जा चुके फैसले के अनुरूप था।

 

पंजाब सरकार ने खेला दाव

उधर पंजाब सरकार ने कानून-व्यवस्था को राज्य का विषय बताते हुए पिछले 28 अगस्त को राज्य सुरक्षा आयोग के गठन के लिए पंजाब पुलिस अधिनियम में संशोधन करने वाला विधेयक विधानसभा में पारित कराया है। यह राज्य सुरक्षा आयोग पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति करेगा। पंजाब सरकार ने पंजाब पुलिस एक्ट 2007 में संशोधन किया है। यह एक्ट 5 फरवरी 2008 को पारित किया गया था। पंजाब के मौजूदा पुलिस महानिदेशक सुरेश अरोरा भी इसी माह के आखिर तक सेवानिवृत होने वाले हैं। राज्य सुरक्षा आयोग पंजाब या अन्य किसी राज्य कैडर के तीन आईपीएस अधिकारियों के पैनल से पुलिस महानिदेशक का चयन करेगा। पैनल में शामिल किए जाने वाले आईपीएस का चयन भी उनके सेवाकाल, अनुभव और अच्छे सेवा रिकाॅर्ड के आधार पर किया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि पैनल में शामिल आईपीएस की सेवा नियुक्ति की तिथि से कम से कम 12 माह बाकी हो।

 

सीएम होंगे चयन करने वाले बोर्ड के अध्यक्ष

पंजाब में पुलिस महानिदेशक का चयन करने वाले राज्य सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे और गृहमंत्री उपाध्यक्ष के रूप में रहेंगे। यदि गृह विभाग मुख्यमंत्री के ही पास है तो मुख्यमंत्री किसी मंत्री को सदस्य मनोनीत करेंगे। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष, हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड न्यायाधीश, मुख्य सचिव, गृह व न्याय विभाग के प्रधान सचिव, राज्य के महाधिवक्ता इसमें सदस्य रहेंगे। पुलिस महानिदेशक का कार्यकाल दो साल से कम नहीं होगा। हालांकि सेवानिवृति आयु से इसका सम्बन्ध नहीं होगा।

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Prateek Desk
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