पंकज बेक सुसाइड केस: कलक्टर से मृतक की पत्नी बोली- कब्र से पति का शव निकलवाकर फिर कराइए पीएम

पंकज बेक सुसाइड केस: कलक्टर से मृतक की पत्नी बोली- कब्र से पति का शव निकलवाकर फिर कराइए पीएम

Ram Prawesh Wishwakarma | Updated: 02 Aug 2019, 10:04:03 AM (IST) Ambikapur, Surguja, Chhattisgarh, India

Custodial death: पंकज के परिजन ने वर्तमान जांच पर जताया अविश्वास, जिला दंडाधिकारी व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी से लगाई गुहार

अंबिकापुर. पंकज बेक द्वारा कथित रूप से पुलिस कस्टडी से भागकर आत्महत्या किए जाने के मामले में परिजन ने वर्तमान जांच पर अविश्वास जताया है। मृतक की पत्नी रानू बेक द्वारा जिला दण्डाधिकारी (कलक्टर) व मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के न्यायालय में आवेदन पेश करते हुए मामले की दण्डाधिकारी जांच कराने के साथ ही शव का पुन: पीएम कराकर दोषी पुलिसकर्मियों को कानून के दायरे में लाकर उन्हें कठोर दण्ड से दण्डित करने की मांग रखी गई है।


गौरतलब है कि सलका-अधिना निवासी पंकज बेक व उसके साथी इमरान पर कुंडला सिटी निवासी तनवीर सिंह के घर से 13 लाख रुपए चोरी किए जाने का जुर्म 11 जुलाई को कोतवाली थाने में दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा इमरान व पंकज बेक को 11 जुलाई से लगातार कोतवाली में पूछताछ बुलाया जा रहा था।

21 जुलाई को मामले में पंकज बेक को परिवार के सदस्यों सहित सभी का बैंक अकाउंट डिटेल लेकर आने को कहा गया था। इसके बाद पंकज बेक वापस नहीं लौटा। पंकज बेक की पत्नी रानू बेक द्वारा लगातार फोन पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन सम्पर्क नहीं हो सका। इसके बाद सरपंच शिवचंद के साथ पंकज के पिता व पत्नी जब कोतवाली पहुंचे तो पुलिस वालों ने बताया कि उसे जेल भेज दिया है।

दूसरे दिन परिवार वालों को बताया गया कि उसने आत्महत्या कर ली है। मामले में आनन-फानन में प्रशासनिक अधिकारियों ने मुआवजा की राशि देकर परिजन को गृहग्राम रवाना किया। मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर परिजन ने केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह, अनुसूचित जनजाति आयोग व राज्य सरकार को आवेदन भी दिया था। लेकिन अभी तक उस आवेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

अब एक बार फिर से मृतक पंकज बेक की पत्नी रानू बेक ने अपने परिवार की स्थिति का हवाला देते हुए जिला दंडाधिकारी व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने आवेदन पेश करते हुए शव को कब्र से बाहर निकालकर दोबारा पोस्ट मॉर्टम कराए जाने की मांग रखी है।


वैधानिक व संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन
रानू बेक ने आवेदन पेश करते हुए आरोप लगाया है कि मामले में जांच के दौरान संवैधानिक व वैधानिक अधिकारों का घोर उल्लंघन हुआ है। पुलिस अधिकारियों द्वारा उसके पति के साथ अमानुषिक कृत्य करते हुए क्रूरतापूर्ण मारपीट की गई है। पुलिस अधिकारियों द्वारा उसके ससुर से सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए गए हैं।

संभवत: मनमाने तरीके से बिना कोई जानकारी दिए चोरी-छिपे पंकज का पोस्ट-मॉर्टम करा दिया गया और संभवत: पोस्ट-मॉर्टम करने वाले चिकित्सकों पर भी अनुचित दबाव डाला जा रहा है।


अन्य जिले के चिकित्सकों से पीएम कराने की मांग
मृतक पंकज बेक की पत्नी रानू बेक ने अपने आवेदन में लिखा है कि शव को कब्र से बाहर निकालकर अन्य जिले के शासकीय चिकित्सालय के चिकित्सक से पीएम कराया जाए, ताकि वास्तविकता सामने आए और उसे तथा परिवार वालों को भी संतुष्टि हो सके कि उनके मामले में विधिसंगत एवं न्यायोचित कार्रवाई की जा रही है।

उसने आवेदन में यह बताया कि उरांव जनजाति की प्रथा अनुसार मृतक का दाह-संस्कार नहीं किया गया है, बल्कि उसे दफनाया गया है।

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