उन्होंने बताया कि संचार के बढ़ते साधनों से पहले तक कक्षा में शिक्षक, पुस्तकें, श्यामपट्ट, प्रयोगशाला ही विद्यार्थी के सहयोगी होते थे लेकिन वर्तमान में प्रत्येक विषय का वीडियो विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध है। इन्टरनेट पर उपलब्ध संसाधनों और कक्षा के उपलब्ध संसाधनों में अंतर है।