प्रसूता और नवजात को खाट पर लिटाकर पैदल 1 किमी दूर खड़ी महतारी तक लाया, ये थी वजह

प्रसूता और नवजात को खाट पर लिटाकर पैदल 1 किमी दूर खड़ी महतारी तक लाया, ये थी वजह

rampravesh vishwakarma | Publish: Sep, 06 2018 08:41:31 PM (IST) Ambikapur, Chhattisgarh, India

महतारी चालक व स्टाफ ने घरवालों को समझाइश देकर मनाया, सूचना मिलने के 30 मिनट के भीतर पहुंचे लेकिन...

अंबिकापुर. कॉल सेंटर से जानकारी मिलने के बाद 30 मिनट के भीतर महतारी एक्सप्रेस बलरामपुर जिले के पहुंचविहीन क्षेत्र ग्राम चमनपुर पहुंची। जब तक महतारी के कर्मचारी गर्भवती के घर पहुंच पाते, तब तक उसकी डिलीवरी हो चुकी थी।

परिजन ने अस्पताल जाने से इनकार किए जाने पर कर्मचारियों ने अस्पताल ले जाने की सलाह दी। किसी तरह मनाने के बाद लगभग 1 किमी पैदल चलने के बाद 102 के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया। गांव तक वाहन के पहुंचने का रास्ता ही नहीं था।


हमेशा किसी न किसी कारण से महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारी से लोगों द्वारा विवाद किया जाता है लेकिन कई बार उनकी सूझबूझ से लोगों को राहत भी मिली है। गुरुवार की दोपहर रायपुर स्थित 102 के कॉल सेंटर में एक प्रसूता की जानकारी मितानिन बसंती द्वारा लगभग 12.15 बजे दी गई।

 

Mahtari

कॉल सेंटर द्वारा मामले की जानकारी बलरामपुर स्थित 102 के कर्मचारियों व अधिकारियों को दी गई। मामले की जानकारी मितानिन से लेने के बाद 21 किमी का सफर तय कर 102 वाहन का चालक आशीष महाराज प्रतापपुर ब्लॉक के चलगली के पहुंचविहीन ग्राम चमनपुर में 30 मिनट के भीतर पहुंच गए।

वाहन के पहुंचने से पूर्व ही प्रसूता सुखमनी की डिलीवरी घर में ही हो गई थी। वाहन के पहुंचने के बाद परिजन ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। लेकिन 102 के चालक आशीष महाराज द्वारा प्रसूता व परिजन को समझाइश दी गई। सलाह मानते हुए प्रसूता को अस्पताल ले जाने को परिवार वाले तैयार हुए।


सड़क नहीं थी तो 1 किमी दूर खड़ी करनी पड़ी महतारी
बताया जा रहा है कि प्रसूता के घर तक पहुंचने सड़क ही नहीं है। इस कारण वाहन चालक व मितानिन के पति ने खाट मे प्रसूता व बच्चे को रखकर लगभग 1 किलोमीटर से अधिक पैदल चलकर महतारी एक्सप्रेस तक पहुंचे। इसके बाद प्रसूता को रनहत स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां जच्चा व बच्चा दोनों ही सुरक्षित हैं।

Ad Block is Banned