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बदला लेने हवस में अंधा हो गया था युवक, फिर एक दिन महिला के घर में घुसा और…

महिला की रिपोर्ट पर पुलिस ने दर्ज किया था जुर्म, कोर्ट ने सुनाई 2 वर्ष की कठोर कारावास की सजा
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अंबिकापुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 11 Jul 2018, 1:42 PM IST

Molesting

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अंबिकापुर. नवंबर 2016 में एक महिला ने किसी विवाद पर युवक के खिलाफ थाने में शिकायत कर दी। इससे गुस्साया युवक रात में सब्बल लेकर महिला के घर के दरवाजे पर पहुंचा और उसे बाहर निकलने कहा। युवक ने कहा कि उसके खिलाफ शिकायत करती हो, वह उसे जान से मारकर फेंक देगा। इस पर महिला ने दरवाजा बंद कर लिया।

दूसरे दिन मौका पाकर युवक उसके घर में घुस गया और बदला लेने उसे अपनी हवस का शिकार बनाना चाहा। शोर मचाने पर गांव के अन्य लोगों ने महिला को उसके चंगुल से छुड़ाया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 294, 506(2), 354(क) व अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत जुर्म दर्ज कर न्यायालय में पेश किया था।

मंगलवार को विशष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार अधिनियम) आलोक कुमार ने निर्णय सुनाया। मामले में आरोपी को २ वर्ष के कठोर कारावास के साथ ही अर्थदंड से दंडित किया गया है।


बतौली के ग्राम गहिला निवासी 33 वर्षीय अर्जुन राम पिता साधूराम 13 नवम्बर 2016 की रात लगभग 8 बजे गांव में एक महिला के घर के बाहर नशे में धुत होकर सब्बल लेकर पहुंचा। उसने महिला को शराब के नशे में कहा कि मेरे खिलाफ रिपोर्ट कराती हो, बाहर निकलो तुम्हें जान से मारकर फेक दूंगा।

महिला यह सुन घर से बाहर नहीं निकली और अंदर से दरवाजा बंद कर ली। दूसरे दिन 14 नवम्बर 2016 की सुबह 7 बजे आरोपी अर्जुन राम ने उसके पास पहुंच अवांछनीय कृत्य करने का प्रयास किया। इसके बाद वह महिला के साथ अवांछनीय लैगिक संबंध बनाने के लिए छेडख़ानी करने लगा।

आसपास के लोगों ने किसी तरह महिला को उससे छुड़ाया था। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी अर्जुन राम के खिलाफ धारा 294, 506(2), 354(क) व अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम की धारा 3(1)(द), 3 (1) (घ) (2) के तहत जुर्म दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया था।


2 वर्ष के कठोर कारावास व अर्थदंड से किया गया दंडित
आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया था। मामले की सुनवाई न्यायालय विशेष न्यायाधीश अंबिकापुर (अनुसूचित जनजाति व जनजाति प्रकोष्ठ) आलोक कुमार ने की। मामले में सुनवाई के दौरान आए साक्ष्य के आधार पर आरोपी अर्जुन राम को दो वर्ष के सश्रम कठोर कारावास सहित 2100 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

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