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मध्यावधि चुनाव: 3 हफ्ते पहले हो चुकी थी मौत, फिर भी प्रतिद्वंदी को हराया इस वेश्यालय के मालिक

16 अक्टूबर को जन्मदिन मनाने के बाद उनकी मौत की जानकारी मिली थी।
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नई दिल्ली

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Shweta Singh

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Updated: 8 Nov 2018, 2:39 PM IST

dead contestant from trumps party wins election from nevada

मध्यावधि चुनाव: 3 हफ्ते पहले हो चुकी थी मौत, फिर भी प्रतिद्वंदी को हराया इस वेश्यालय के मालिक

न्यूयॉर्क। अमरीका में हाल ही में मध्यावधि चुनाव संपन्न हुए। बुधवार को आए परिणाम के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी ने आठ साल में पहली बार बहुमत हासिल किया। लेकिन इसके अलावा परिणामें में एक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। दरअसल वहां से एक ऐसे उम्मीदवार के जीतने की खबर आई है, जिसकी तीन हफ्ते पहले मौत हो चुकी है।

कई लीगल वेश्यालय के मालिक थे डेनिस

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जीते हुए उम्मीदवार का नाम डेनिस होफ है, जिन्हें स्थानीय लोग निवाडा के नाम से जानते थे। 72 वर्षीय डेनिस अमरीका में कई लीगल वेश्यालय के मालिक थे। उन्होंने निवाडा से ही चुनाव लड़ा था। वे ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन के उम्मीदवार थे। पिछले महीने 16 अक्टूबर को जन्मदिन मनाने के बाद उनकी मौत की जानकारी मिली थी। हालांकि उनकी मौत के बाद भी बैलट से उनका नाम नहीं हटाया गया था।

काफी बड़े मार्जिन से हराया अपनी प्रतिद्वंदी को

होफ को इस चुनाव में 68 प्रतिशत वोट मिले हैं। उन्होंने डेमोक्रटिक पार्टी से अपनी प्रतिद्वंदी लेसिया रोमनोव को काफी बड़े मार्जिन से हरा दिया। कहा जा रहा है कि रिपब्लिकन पार्टी ने पहले ही ये ठान लिया था कि वे होफ का नाम बैलट से नहीं हटाएंगे। जानकारी के मुताबिक पार्टी ने फैसला है कि अब जीती हुई सीट पर उनके जगह किसी और को नियुक्त किया जाएगा।

सिर्फ नेवाडा में लीगल है वेश्यालय

वेश्यालय चलाने के अलावा होफ ने कुछ किताबें भी लिखीं हैं और कुछ अडल्ट टीवी सीरिज में भी काम कर चुके हैं। अमरीका में वेश्यालयों पर संभावित बैन के खिलाफ सबसे मजबूत आवाज में से एक होफ की आवाज थी। आपको बता दें कि अमरीका में नेवाडा ही एक ऐसा राज्य है जहां वेश्यालय चलाने की लीगल अनुमति है।

बुधवार को आए नतीजे

गौरतलब है कि बुधवार को जो नतीजे आए वो ट्रंप के लिए मिला-जुला रहा। एक ओर सीनेट में ट्रंप की पार्टी जीती है, तो दूसरी ओर हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में डेमोक्रैट्स को बहुमत मिला। जबकि साल 2016 से अब तक ट्रंप की पार्टी के पास ही दोनों सदनों में बहुमत में थी।