दवाओं की इन खुबियों को जानकर फेसबुक के संस्थापक जुकरबर्ग ने भारतीय वैज्ञानिक को दिए 65 करोड़

आमतौर पर हम जो दवाएं किसी एक बीमारी के लिए लेते हैं, उसमें दूसरी बीमारी ठीक करने का गुण भी होता है।

By: ashutosh tiwari

Published: 09 Dec 2017, 08:45 AM IST

वाशिंगटन. भारतीय मूल के वैज्ञानिक डॉ. अतुल बट को फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिसिला चैन ने 1 करोड़ डॉलर यानी करीब 65 करोड़ रुपए की मदद की है। अतुल दवा बाजार के लिए डेटा रिसाइक्लिंग के लिए काम कर रहे हैं। आमतौर पर हम जो दवाएं किसी एक बीमारी के लिए लेते हैं, उसमें दूसरी बीमारी ठीक करने का गुण भी होता है। इसकी सभी को जानकारी नहीं होती। अतुल पहले से मौजूद सारी सार्वजनिक जानकारी को एक मंच पर लाने का काम कर रहे हैं।

दवाओं का हो अलग इस्तेमाल

अतुल के अब तक के रिसर्च के मुताबिक, सार्वजनिक रूप से दवाओं का काफी डेटा मौजूद है। इसकी मदद से लोगों की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि किसी एक बीमारी के लिए मंजूर की दवाएं नई बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल की जाए।

पुरानी दवा का नया इस्तेमाल
अतुल बट की योजना एक तरह से पुरानी दवा के नई बीमारी में उपयोग की है। डेटा एक जगह होने पर यह संभव हो पाएगा।

ओबामा कर चुके हैं तारीफ
डॉ. अतुल बट यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया के इंस्टिट्यूट फॉर कंप्यूटेशनल हेल्थ साइंसेज के निदेशक हैं। उन्होंने मेडिकल विषयों पर कई किताबें भी लिखी हैं। ओबामा प्रशासन भी उनकी तारीफ कर चुका है। ओबामा राष्ट्रपति काल में अमरीकी प्रशासन ने उन्हें सार्वजनिक रूप से मौजूद डेटा के जरिए विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए ओपन साइंस चैंपियन ऑफ चैंज के खिताब से नवाजा था।

हर क्षेत्र में हो डेटा रिसाइक्लिंग
फिलहाल इंटरनेट पर डेटा का अंबार है। अंतरिक्ष एजेंसी से रिसर्च संस्थानों तक के पास यह डेटा मौजूद है। कोई एक संस्थान या देश इस डेटा का बेहतर इस्तेमाल नहीं कर सकता है। इस डेटा की ओपन रिसाइक्लिंग कर इसका सबसे अच्छा उपयोग किया जा सकता है। बीमारियों के भी डेटा को अलग-अलग किया जाना है।

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