मिसाल: अंगदान करने के लिए बच्ची को दिया जन्म, सिर्फ एक हफ्ते जीवित रही बच्ची

मिसाल: अंगदान करने के लिए बच्ची को दिया जन्म, सिर्फ एक हफ्ते जीवित रही बच्ची

Mohit Saxena | Publish: Feb, 10 2019 02:36:33 PM (IST) अमरीका

बच्ची को दुर्लभ बीमारी अनेनसेफली थी। इस बीमारी के चलते बच्चे का दिमाग या खोपड़ी पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाती

वाशिंगटन। बच्चा सामन्य न होने के बावजूद अपने 18 हफ्तो के गर्भ को 23 वर्षीय महिला ने कोख में रखने का फैसला किया। उसने अंगदान के लिए अपनी बच्ची को जन्म देने का निर्णय लिया। यह खबर अमरीकी मीडिया में सुर्खियों में छाई हुई है। जन्म देने वाली महिला क्रिस्टा ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें और ब्वॉयफ्रेंड डेरेक लोवेट को बताया था कि बच्ची को दुर्लभ बीमारी अनेनसेफली थी। इस बीमारी के चलते बच्चे का दिमाग या खोपड़ी पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाती है। ऐसे में डॉक्टरों ने उन्हें दो विकल्प दिए। पहला था कि वह तुरंत गर्भपात करा लें, जबकि दूसरा विकल्प यह था कि वह बच्चे को जन्म दें और बाद में उसका अंग दान कर दें। क्रिस्टा ने बताया कि उन्होंने दूसरा विकल्प चुना। यह विकल्प उनके लिए काफी कठिन था कि जब मां ऐसे बच्चे को जन्म दे जो पैदा होते ही कभी भी मर सकता था। इसने पूरे नौ माह उसे मानसिक रूप से झकझोर दिया था।

सिर्फ 30 मिनट जीवित रहने की संभावना जताई

क्रिस्टा ने बताया कि डॉक्टर ने उसे बताया कि जन्म लेने के बाद जैसे ही बच्चे को गर्भनाल से अलग किया जाएगा। उसके जीने की संभावना बहुत कम हो जाएगी। इसके साथ ही उसके सिर्फ 30 मिनट तक जीवित रहने की संभावना है। क्रिस्टा ने बताया कि उनके लिए यह जानकारी पूरी तरह से तोड़ देने वाली थी। इससे पहले एक बार भी उनका गर्भपात हो चुका था। उस दौरान बहुत सारी दिक्कतें भी आई थीं। ऐसा लग रहा था कि उनसे भगवान ने सबकुछ छीन लिया है।

एक हफ्ते तक जीवित रही

क्रिस्टा के अनुसार दूसरा विकल्प काफी मुश्किल था। 40 हफ्ते और दो दिन बाद बच्ची को जन्म दिया। क्रिस्टा और उसका ब्वॉयफ्रेंड यह मान रहे थे कि उनकी बच्ची ‘रायली’ज्यादा देर तक जीवित नहीं रह पाएगी। लेकिन अप्रत्याशित रूप से उनकी बेटी रायली एक हफ्ते तक जीवित रही। इस दौरान दोनों ने पूरा वक्त अपनी बेटी को दिया।

एक हफ्ते तक बिल्कुल रोई नहीं

क्रिस्टा और डेरेक ने भावुक होकर बताया कि उन दोनों के लिए रायली का एक हफ्ते जीना काफी अहम था। उन्होंने कभी भी रायली के रोने की आवाज नहीं सुनी। आखिरी दिन वह थोड़ा रोई,जब उसके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बहुत कम हो गया था। क्रिस्टा ने बताया कि उसके हार्ट वॉल्व दो बच्चों को दिए गए और फेफड़े रिसर्च हॉस्पिटल को दिए गए।

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